ऑस्ट्रेलिया से वार्षिक कोटे के तहत मसूर की पहली खेप भारत पहुंची

09-Apr-2025 11:04 AM

मुम्बई। भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार संधि के तहत भारत में ऑस्ट्रेलियाई मसूर के आयात का एक निश्चित वार्षिक कोटा निर्धारित किया गया है जो सामान्य व्यापारिक आयात से अच्छा होता है।

इस कोटे के तहत ऑस्ट्रेलियाई मसूर के आयात पर भारत में आधा शुल्क ही लगता है। चूंकि पिछले कुछ वर्षों से भारत में मसूर का शुल्क मुक्त आयात हो रहा था इसलिए इस नियत कोटे के अंतर्गत आयातित मसूर पर भी कोई सीमा शुल्क नहीं लगता था।

लेकिन भारत सरकार ने पिछले महीने जब मसूर पर 10 प्रतिशत का मौलिक आयात शुल्क लगा दिया तब इस कोटे के तहत आयातित मसूर पर भी इसका आधा यानी 5 प्रतिशत का शुल्क लागू हो गया। 

प्राप्त सूचना के अनुसार साऊथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त की अग्रणी बल्क संचालक फर्म- विटेरा द्वारा 21 हजार टन मसूर की खेप भारत भेजी गई।

साउथ ऑस्ट्रेलिया के आयर प्रायद्वीप में स्थित लिंकन बंदरगाह पर जहाज पर इसकी लोडिंग हुई थी और वह जहाज मार्च के अंत में गुजरात के मूंदड़ा बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज पर से मसूर का स्टॉक भी उतार लिया गया है। 

भारत में मसूर के शुल्क मुक्त आयात की समयावधि 31 मार्च 2025 को समाप्त होनी थी मगर उससे पूर्व ही सरकार ने इस पर 10 प्रतिशत का मूल सीमा शुल्क लगाने की घोषणा कर दी।

कनाडा सहित अन्य देशों से आयातित मसूर पर यह नया शुल्क लागू हो गया है और स्वयं ऑस्ट्रेलिया से भी नियत कोटे से अधिक मात्रा के शिपमेंट पर यह शुल्क प्रभावी माना जाएगा। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती पांच महीनों में यानी अक्टूबर- 2024 से फरवरी 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से भारत को लगभग 2.75 लाख टन मसूर का निर्यात किया गया।

मार्च में केवल विटेरा कम्पनी द्वारा 21 हजार टन मसूर का शिपमेंट हुआ। इसका मूल्य 2-10 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर आंका गया।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया से किसी अन्य जहाज पर भारत को मसूर का बल्क निर्यात शिपमेंट होने की सूचना नहीं है। विटेरा कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि दोनों देशों के बीच सरकारी स्तर पर हुए करार के कारण भारत जैसे शीर्ष बाजार में ऑस्ट्रेलिया को मसूर का निर्यात जारी रखने में सहायता मिल रही है।

साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त की मसूर की अच्छी मांग बनी हुई है क्योंकि इसकी क्वालिटी बेहतर है। ऑस्ट्रेलिया के पांच उत्पादों को भारत में टैरिफ रेट कोटा मिला है जिसमें मसूर, रूई, बादाम, संतरा एवं नींबू तथा नाशपाती शामिल है।