पिछले तीन माह से तुवर का भाव स्थिर या नरम रहने का सरकार का दावा
29-Nov-2024 10:51 AM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार कहा है कि पिछले तीन माह के दौरान तुवर एवं उड़द के खुदरा मूल्य में या तो गिरावट आई या स्थिरता का माहौल रहा। मंडी भाव को घटाने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ नियमित रूप से बैठक का आयोजन किया गया।
रिटेलर्स से कहा गया कि वे दालों पर मार्जिन (लाभांश) को उचित स्तर पर ही बरकरार रखें और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोत्तरी न होने दें।
खुदरा बाजार में सीधे हस्तक्षेप करने के उद्देश्य से सरकार ने अपने बफर स्टॉक में मौजूद दलहनों का स्टॉक उतारने का निर्णय लिया और इसे दालों में परिवर्तित करके भारत ब्रांड दाल के तहत उचित मूल्य पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाया। इसकी बिक्री अब भी जारी है।
इसी तरह प्याज का स्टॉक भी उतारा है और 35 रुपए प्रति किलो की दर से इसकी बिक्री की जा रही है। सरकार चावल, दाल, आटा एवं प्याज की बिक्री सुनिश्चित कर रही है।
केन्द्रीय खाद्य राज्य मंत्री के अनुसार घरेलू प्रभाग में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से सरकार ने तुवर एवं उड़द के आयत को 31 मार्च 2023 तक शुल्क मुक्त कर दिया है।
मसूर का आयात इस सूची में शामिल है। इसके साथ-साथ देश में चना एवं पीली मटर का शुल्क मुक्त आयात भी हो रहा है। भारत ब्रांड नाम के तहत एनसीसीएफ तथा नैफेड जैसी एजेंसियां रियायती मूल्य पर दालें उपलब्ध करवा रही है।
मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) तथा मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) स्कीम के तहत किसानों से दलहन की खरीद का प्रयास किया जा रहा है।
इसके तहत 22 नवम्बर 2024 तक नैफेड तथा एनसीसीएफ द्वारा कुल 10.66 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। खरीफ कालीन दलहनों-मूंग, उड़द एवं तुवर की आवक शुरू हो चुकी है जबकि रबी सीजन की दलहन फसलों की बिजाई चल रही है। तुवर का उत्पादन बढ़ने की उम्म्मीद है जिससे आगामी समय में इसकी कीमतों में कुछ नरमी आने की संभावना है।
