पहली तिमाही में भारत रहा कनाडाई मसूर एवं मटर का सबसे प्रमुख खरीदार

11-Dec-2024 11:14 AM

वैंकुवर । कनाडा से वर्तमान मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में यानी अगस्त-अक्टूबर 2024 के दौरान मसूर एवं मटर का सर्वाधिक निर्यात भारत को किया गया।

इतना ही नहीं बल्कि इस अवधि का निर्यात गत वर्ष से काफी अधिक भी रहा जबकि राजनयिक स्तर पर सम्बन्ध में खटास उत्पन्न होने से दलहनों का कारोबार प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। 

सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन की नवजीवन रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में कनाडा से कुल 4,37,629 टन मटर का निर्यात हुआ जो सितम्बर के शिपमेंट से 28 प्रतिशत कम था।

लेकिन अगस्त से अक्टूबर 2024 की तिमाही में इसका कुल निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26 प्रतिशत बढ़कर 10.66 लाख टन पर पहुंच गया।

भारत इसका सबसे बड़ा खरीदार रहा जहां कुल मिलाकर 5,94,514 टन मटर (पीली) का निर्यात किया गया। पिछले साल इस अवधि में भारत में कनाडाई मटर का आयात नहीं या नगण्य हुआ था। अभी भारत में मटर का शुल्क मुक्त आयात हो रहा है जिसकी समय सीमा 31 दिसम्बर को समाप्त होने वाली है। 

समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कनाडा से मसूर का निर्यात भी 17 प्रतिशत बढ़कर 5,64834 टन पर पहुंच गया जिसमें से 3,32,400 टन का शिपमेंट केवल अक्टूबर में हुआ और इसके 38 प्रतिशत भाग का आयात अकेले भारत ने किया। इसके अलावा तुर्की एवं संयुक्त अरब अमीरात सहित कई अन्य देशों ने भी मसूर का आयात किया।

जहां तक काबुली चना का सवाल है तो कनाडा से अक्टूबर में इसका 12,516 टन का निर्यात हुआ जो सितम्बर के शिपमेंट से एक प्रतिशत ज्यादा रहा। चालू मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही के दौरान कनाडा से कुल मिलाकर 32,740 टन काबुली चना का निर्यात हुआ जो गत वर्ष की समान अवधि के शिपमेंट 47,997 टन से काफी कम है। दरअसल अमरीका सहित कई अन्य प्रमुख परम्परागत आयातक देशों में कनाडाई काबुली चना की मांग कमजोर देखी जा रही है। 

भारत में 31 दिसम्बर 2024 तक पीली मटर तथा 31 मार्च 2025 तक मसूर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है। इसकी समय सीमा बढ़ाने के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है

जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भारतीय आयातक उससे पूर्व ही कनाडा एवं रूस आदि देशों से पीली मटर का भारी आयात करना चाहते हैं।