पंजाब की मंडियों में 125 लाख टन गेहूं की आवक होने का अनुमान

21-Apr-2025 10:58 AM

चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान मंडियों में (सरकारी क्रय केन्द्रों पर) गेहूं की कुल आपूर्ति बढ़कर 125 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाते हुए राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कहा है कि 19 अप्रैल तक कुल 13.16 लाख टन की आवक हुई

जिसमें से लगभग 11 लाख टन की खरीद हो गई। पंजाब में इस बार गेहूं का शानदार उत्पादन होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

पंजाब की मंडियों में 15 अप्रैल से गेहूं की आपूर्ति तेजी से बढ़ने लगी है। संगरूर जिले की मंडियों में गेहूं का इतना अम्बार लग गया है कि किसानों को नया स्टॉक वहां उतारने के लिए भारी संघर्ष एवं इंतजार करना पड़ रहा है।

खाद्य मंत्री के अनुसार 19 अप्रैल तक खरीदे गए गेहूं के एवज में किसानों के बैंक खाते में 703 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

गेहूं के मूल्य का भुगतान खरीद की प्रक्रिया के 24 घंटे के अंदर किया जा रहा है। इसके साथ-साथ क्रय केन्द्रों से गेहूं का उठाव भी सही समय पर हो रहा है और इसमें कोई देरी नहीं हो रही है। यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो इस बार गेहूं की क्वालिटी भी बहुत अच्छी रहेगी। 

खाद्य मंत्री के मुताबिक सभी एजेंसियों एवं एजेंटों से तारपोलीन एवं क्रैट्स का पर्याप्त प्रबंध करने के लिए कहा गया ताकि प्रतिकूल मौसम से अनाज के स्टॉक को बचाया जा सके।

गन्नी बोरियों की भी कमी नहीं है और खरीदे गए गेहूं की नियमित रूप से पैकिंग हो रही है। गेहूं की खरीद प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया गया है कि गेहूं की खरीद में कोई कोताही या लापरवाही न हो और न ही किसानों को अपना उत्पाद बेचने में किसी कठिनाई का सामना करना पड़े। 

लेकिन संगरूर जिले की मंडियों में जगह की कमी के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। वहां मंडी परिसर का फैलाव 7-8 एकड़ तक ही है जबकि वहां विशाल मात्रा में गेहूं की आवक हो रही है।

इससे किसानों को अपना अनाज उतारने के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने में कठिनाई हो रही है। किसान सड़कों पर ही माल उतार रहे हैं जिससे मौसम खराब होने पर उसके क्षतिग्रस्त होने अथवा गेहूं के स्टॉक की चोरी हो जाने का खतरा बना रहता है।

संगरूर शहर की मंडियों में 18 अप्रैल तक 2.73 लाख टन गेहूं की आवक एवं 2.36 लाख टन की खरीद हुई और किसानों को 209 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। गेहूं का उठाव तेजी से करने का दावा भी किया जा रहा है।