पंजाब के साथ-साथ कुछ अन्य राज्यों में भी बाढ़-वर्षा का प्रकोप
08-Sep-2025 08:55 PM
नई दिल्ली। खरीफ फसलों का रकबा बढ़ने से उत्पादन में बढ़ोत्तरी की जो उम्मीद की जा रही थी उस पर मानसून की अत्यन्त जोरदार बारिश एवं इसके अलावा भयंकर बाढ़ ने पूरी तरह पानी फेर दिया। इस बार कुछ महत्वपूर्ण खरीफ फसलों के प्रमुख उत्पादक राज्यों पर बाढ़-वर्षा का विशेष प्रकोप देखा जा रहा है।
इसमें केन्द्रीय पूल में चावल का सर्वाधिक योगदान देने वाला पंजाब एवं छत्तीसगढ़, मूंग का सबसे प्रमुख उत्पादक राजस्थान एवं कर्नाटक, मूंगफली का अग्रणी उत्पादक गुजरात तथा राजस्थान, सोयाबीन का अग्रणी उत्पादन मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र तथा कपास का शीर्ष उत्पादक गुजरात एवं महाराष्ट्र शामिल है। इसके अलावा सेब के दोनों प्रमुख उत्पादक राज्यों- हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर में भी भयंकर बाढ़ का प्रकोप देखा जा रहा है।
इतना ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा तथा झारखंड जैसे प्रांतों के कई जिले पहले ही बाढ़ की चपेट में आ चुके थे। उत्तर प्रदेश में अब भी इसका प्रकोप बरकरार है।
इससे विभिन्न खरीफ फसलों को व्यापक स्तर पर नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। आधिकारिक तौर पर क्षति का आंकलन किया जा रहा है और मध्य सितम्बर के बाद जब मानसूनी बारिश की तीव्रता में कमी आएगी तभी नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन में धान और मक्का के उत्पादन क्षेत्र में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी हुई है जबकि दलहनों एवं गन्ना की बिजाई क्षेत्र में कुछ इजाफा हुआ और तिलहनों तथा कपास के क्षेत्रफल में गिरावट आई है। गुजरात एवं मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी जारी है। यह देखना भी आवश्यक है कि मानसून कब तक देश से प्रस्थान करता है।
