पंजाब में 136 लाख टन चावल का विशाल स्टॉक मौजूद

11-Apr-2025 04:07 PM

लुधियाना। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब के गोदामों से अब तक करीब 40 लाख टन चावल को दूसरे राज्यों में भेजा जा चुका है लेकिन अब भी वहां लगभग 136 लाख टन चावल का विशाल स्टॉक बचा हुआ है जिसकी खरीद 2023 एवं 2024 के खरीफ मार्केटिंग सीजन में की गई थी।

चालू माह के दौरान इसमें 10 लाख टन को दूसरे राज्यों में शिफ्ट किया जाएगा। पंजाब से रोजाना 20 ट्रेनों में चावल लाद कर अन्य राज्यों में पहुंचाया जा रहा है। इससे राज्य के गोदामों पर स्टॉक का भार कुछ घट जाएगा। 

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पंजाब जोन के महाप्रबंधक का कहना है कि चूंकि सरकार ने सभी किस्मों एवं श्रेणियों के नियंत्रण मुक्त निर्यात की अनुमति दे रखी है और एथनॉल निर्माण के लिए भी चावल की बिक्री को खोल दिया गया है इसलिए पंजाब से चावल को बाहर भेजने की रफ्तार बढ़ती जा रही है।

पंजाब के गोदामों से 39.42 लाख टन चावल तथा 40.59 लाख टन गेहूं को पहले ही अन्य राज्यों में डिस्पैच किया जा चुका है और इसकी प्रक्रिया अभी जारी है।

दूसरी ओर खाद्य निगम को पंजाब के मिलर्स से अब तक 65 लाख टन चावल की डिलीवरी प्राप्त हो चुकी है जबकि अब किसानों से गेहूं की खरीद भी आरंभ कर दी गई है। 

महाप्रबंधक के अनुसार अप्रैल के अंत तक राज्य के गोदामों 126 लाख टन चावल का स्टॉक बच जाएगा जिससे इन गोदामों में तकरीबन 35 लाख टन गेहूं के भंडारण के लिए जगह बन जाएगी।

इसके अलावा गोदामों में इतना स्थान खाली रहेगा कि मिलर्स से प्राप्त होने वाले 14 लाख टन चावल का उसमें भंडारण किया जा सके। गोदामों / वेयर हाउसों में जगह खाली होने से जुलाई 2025 तक चावल की आपूर्ति स्वीकार की जा सकती है।

ध्यान देने की बात है कि आमतौर पर पंजाब में धान की कस्टम मिलिंग से निर्मित चावल की डिलीवरी को 31 मार्च तक ही स्वीकार किया जाता है लेकिन इस बार गोदामों में स्थान धीमी गति से खाली होने के कारण चावल की डिलीवरी को स्वीकार करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। इससे मिलर्स को कठिनाई हो रही है। 

पंजाब में इस बार 70 लाख टन गेहूं का भंडारण कवर्ड एंड प्लींथ (कैप) भंडारण सुविधा में तथा 35 लाख टन का भंडारण गोदामों में किए जाने की योजना है जबकि शेष 20 लाख टन गेहूं को क्रय केन्द्रों से सीधे अन्य राज्यों में भेजने का प्रयास किया जाएगा।