पंजाब में भयंकर बाढ़ से फसलों को हुई क्षति की रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी गई
08-Sep-2025 02:01 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने तथा सभी प्रमुख नदियों में भयंकर बाढ़ आने से खरीफ फसलों, मकानों, दुकानों एवं अन्य बुनियादी ढांचों को जबरदस्त नुकसान हुआ है।
बाढ़-वर्षा के प्रकोप से अब तक राज्य में 46 लोगों की मौत होने की सूचना मिल रही है। हालत इतनी खराब है कि पंजाब सरकार ने राज्य के सभी 23 जिलों को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है और वहां राहत-बचाव कार्य जोर-शोर से चलाया जा रहा है। स्वयं प्रधानमंत्री कल यानी 9 सितम्बर को स्थिति का जायदा लेने के लिए पंजाब के दौरे पर जाने वाले हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्री पहले ही पंजाब के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा कर चुके हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि वे पंजाब में बाढ़ की स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। राज्य में बाढ़ का संकट सचमुच गंभीर है
लेकिन केन्द्र सरकार उसे हर संभव सहायता देने को तैयार है। पंजाब को इस विषम परिस्थिति से उबरने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। कृषि मंत्री ने अमृतसर, कपूरथला और गुरदासपुर जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया था।
कृषि मंत्री के अनुसार पंजाब में हालात बहुत खराब और भयानक है। खेतों में फसलें पानी में पूरी तरह डूबी हुई हैं और बर्बाद होने लगी हैं। कम से कम 1400 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
26 अगस्त से ही वहां खेतों में पानी भरा हुआ है जो विभिन्न फसलों को बर्बाद कर रहा है। रावी नदी का पानी अब भी खेतों से होकर बह रहा है। पैर के नीचे मिटटी नहीं बल्कि मलवा नजर आता है जिसमें फसलों का जिन्दा रहना मुश्किल है।
कृषि मंत्री के अनुसार खेतों की इस बर्बादी का आगामी रबी सीजन की फसलों पर भी गंभीर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। लोगों के दुख दर्द और नुकसान का अनुमान लगाना मुश्किल है। वहां ह्दयविदारक माहौल है। स्थिति अत्यन्त चुनौतीपूर्ण है मगर राज्य को हर तरह की सहायता प्रदान की जाएगी।
पंजाब में सतलुज, रावी, व्यास एवं घग्गर नदियां अपने तटबंधों को तोड़कर खेतों एवं गांवों-शहरों में पहुंच गई जिससे नुकसान का दायरा बढ़ गया। केन्द्र सरकार सम्पूर्ण स्थिति का जायजा लेने के लिए दो उच्चस्तरीय दल पंजाब में पहले ही भेज चुकी है जबकि अब प्रधानमंत्री वहां जाने वाले हैं।
