पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू
11-Apr-2025 04:58 PM
जालंधर। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब की मंडियों में गेहूं के नए माल की आपूर्ति शुरू हो गई है और इसकी खरीद के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट फर्में एवं मिलिंग-प्रोसेसिंग इकाइयां भी सक्रिय हो चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब की अनाज मंडियों में इस बार 9 अप्रैल 2025 तक कुल 2035 टन गेहूं की आवक हुई जिसमें से 1351 टन की खरीद हो सकी। इसके तहत सरकारी एजेंसियों द्वारा 936 टन तथा प्राइवेट फर्मों द्वारा 415 टन गेहूं खरीदा गया।
अगले सप्ताह से पंजाब की मंडियों में एवं सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं की आवक तेजी से बढ़ने की संभावना है। वहां इसकी सरकारी खरीद के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी हो चुकी है।
पंजाब की एक खास विशेषता यह है कि बैसाखी पर्व के बाद मंडियों में एकाएक गेहूं की आपूर्ति इतनी तेजी से बढ़ती है कि वहां इसका अम्बार लग जाता है और किसानों को अपना अनाज बेचने के लिए दो-तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।
केन्द्र सरकार ने 2024-25 के रबी सीजन हेतु गेहूं का न्यूतनम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2426 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है और किसानों से इसी मूल्य स्तर पर खरीदी की जा रही है।
इस बार फ्लोर मिलर्स एवं व्यापारी भी वहां गेहूं की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि किसी के पास इसका पर्याप्त स्टॉक मौजूद नहीं है।
सरकार ने गेहूं पर भंडारण सीमा को समाप्त कर दिया है इसलिए इसकी खरीद में किसी को कोई कठिनाई नहीं होगी।
पंजाब में इस वर्ष 124 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद होने का अनुमान लगाया गया है। वहां फसल की हालत सामान्य बताई जा रही है।
लेकिन गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए पंजाब में पर्याप्त स्थान खाली नहीं है इसलिए सरकार की चिंता बढ़ गई है। तरन तारन जिले के शेरों में स्थित एक चीनी मिल के गोदाम में भी गेहूं रखने का प्लान बनाया जा रहा है।
वह चीनी मिल बंद हो चुकी है। इसके अलावा 20 लाख टन गेहूं को सीधे क्रय केन्द्रों से ही अन्य राज्यों के गोदामों में भेजने का निर्णय लिया गया है।
