पंजाब में गेहूं की व्यापारिक खरीद 10.79 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

19-May-2025 07:56 PM

लुधियाना। इस वर्ष पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद तो 124 लाख टन के नियत लक्ष्य के मुकाबले 119.24 लाख टन तक ही पहुंच सकी लेकिन प्राइवेट स्तर पर तेजी से उछलकर 10.79 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

इसमें फ्लोर मिलर्स, प्रोसेसर्स, सामान्य व्यापारी, स्टॉकिस्ट तथा कुछ बड़े-बड़े प्रतिष्ठान भी शामिल रहे जिसने किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचे दाम पर गेहूं  खरीदा।

केन्द्र सरकार ने इस बार गेहूं का एमएसपी 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि प्राइवेट खरीदारों ने इससे 100-200 रुपए का ऊंचा मूल्य देकर किसानों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। समझा जाता है कि राज्य के कुछ भागों में किसानों को 2640 रुपए प्रति क्विंटल के ऊंचे दाम पर अपना गेहूं बेचने का मौका मिला। 

पंजाब में प्राइवेट खरीदारों द्वारा गेहूं किसानों को सबसे ऊंचा दाम संगरूर जिला में दिया गया जो मुख्यमंत्री का गृह जिला भी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 15 मई 2025 तक पंजाब की मंडियों में कुल 130.03 लाख टन गेहूं की आवक हुई जिसमें से 119.24 लाख टन की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा और शेष 10.79 लाख टन की खरीद प्राइवेट फर्मों द्वारा की गई।

राज्य में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 15 मई को औपचारिक तौर पर समाप्त हो गई और सरकारी क्रय केन्द्रों पर आवक नहीं होने से खरीद की तिथि बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी। हरियाणा में भी खरीद का अभियान समाप्त हो गया। 

प्राइवेट स्तर पर संगरूर जिला में 2.43 लाख टन, फरीदकोट में 1.32 लाख टन, लुधियाना (पूर्व) में 1.01 लाख टन, पटियाला में 70,704 टन तथा भटिंडा जिसमें 68,020 टन गेहूं खरीदा गया। गेहूं की शेष खरीद अन्य जिलों में हुई।

प्राप्त सूचना के अनुसार प्राइवेट खरीदारों द्वारा 2023-24 में 7.50 लाख टन एवं 2022-23 में 6.50 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। सरकारी तौर पर मुक्तसर जिला में सर्वाधिक 8.77 लाख टन, पटियाला में 8.50 लाख टन, भटिंडा में 8.42 लाख टन, फिरोजपुर में 8.38 लाख टन तथा तरन तारन में 7.56 लाख टन गेहूं की खरीद हुई।