पंजाब में खेतों में आग को नियंत्रित करने हेतु 500 करोड़ रुपए का एक्शन प्लान
23-Apr-2025 05:13 PM
चंडीगढ़। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने 500 करोड़ रुपए मूल्य का एक एक्शन प्लान (कार्य योजना) तैयार किया है।
इसके तहत किसानों को रियायती मूल्य (सब्सिडी) पर नवीनतम फसल अधिशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी उपलब्ध करवाई जाएगी और खेतों में धान के भूसे को प्रभावी ढंग से व्यवस्थित करने हेतु अन्य नीति रणनीति लागू की जाएगी। इससे प्रदूषण की समस्या घट सकती है।
पंजाब के कृषि मंत्री का कहना है कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सीआरएम मशीन की खरीद पर सब्सिडी प्राप्त करने के इच्छुक किसानों से ऑन लाइन आवेदन आमंत्रित किया है।
ये आवेदन 22 अप्रैल से 12 मई तक ऑन लाइन पोर्टल एग्री मशीनरी पीबी डॉट कॉम के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं। इस सब्सिडी स्कीम का लाभ उठाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत सकल किसान को 50 प्रतिशत तथा किसान समूहों को ऑपरेटिव सोसायटी तथा ग्राम पंचायतों को सीआरएम मशीनरी की खरीद के लिए 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाएगी।
पंजाब सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को सीआरएम मशीन की खरीद में सक्षम बनाना है ताकि राज्य के अंदर खेतों में धान की पराली जलाने की आवश्यकता न पड़े और किसानों को अतिरिक्त आमदनी भी हासिल हो सके।
यदि यह योजना सफल हो गई तो इससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण का खतरा कम हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि पंजाब, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में प्रति वर्ष खरीफ सीजन में धान की फसल काटने के बाद किसान उसके अवशेष (पराली) को खेतों में ही जल देते हैं
जिससे धुंए का गुब्बार उठता है और वायुमडंल में हवा प्रदूषित हो जाती है। इससे दिल्ली तथा आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
