पंजाब तथा हरियाणा में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद चावल की कुल सरकारी खरीद में वृद्धि
05-Mar-2025 07:30 PM
नई दिल्ली । पंजाब और हरियाणा में 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान चावल की सरकारी खरीद न केवल 2023-24 सीजन से बल्कि नियत लक्ष्य से भी कम हुई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 2023-24 सीजन के दौरान 124.30 लाख टन चावल खरीदा गया था जो 2024-25 के सीजन में 6 प्रतिशत या करीब 8 लाख टन घटकर 116.30 लाख टन रह गया।
इसी तरह हरियाणा में खरीद की मात्रा 39.50 लाख टन से घटकर 36 लाख टन रह गई। उल्लेखनीय है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के लिए पंजाब में 124 लाख टन तथा हरियाणा में 40 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
लेकिन समीक्षाधीन अवधि के दौरान तेलंगाना में चावल की सरकारी खरीद 31.70 लाख टन से बढ़कर 36.20 लाख टन पर पहुंची।
वहां धान खरीद की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है लेकिन उड़ीसा में यह 31 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। वहां इस बार 28 फरवरी तक चावल की सरकारी खरीद बढ़कर 44.10 लाख टन पर पहुंच गई जो पिछले साल की इसी अवधि की खरीद 38.30 लाख टन से करीब 15 प्रतिशत अधिक रही।
आंध्र प्रदेश में भी चावल की अधिक खरीद हुई है। वहां इसकी मात्रा गत वर्ष के 13.30 लाख टन से बढ़कर इस बार 14.50 लाख टन पर पहुंच गई।
धान-चावल के एक अग्रणी उत्पादक राज्य- पश्चिम बंगाल में पिछले साल 28 फरवरी तक केवल 7.40 लाख टन चावल खरीदा गया था जो चालू वर्ष के दौरान दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 18.50 लाख टन पर पहुंच गया।
पंजाब में 30 अप्रैल तक चावल की खरीद जारी रहेगी। सुदूर दक्षिणी प्रान्त- तमिलनाडु में चावल की सरकारी खरीद पिछले साल के 10.80 लाख टन से 32 प्रतिशत उछलकर इस बार 14.20 लाख टन पर पहुंच गई।
इसके फलस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय पूल के लिए 28 फरवरी 2025 तक कुल मिलाकर 458.40 लाख टन चावल खरीदा गया जो पिछले साल की समान अवधि में हुई खरीद 438.40 लाख टन से 20 लाख टन या 5 प्रतिशत अधिक रहा। चूंकि कुछ राज्यों में खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है इसलिए इसकी मात्रा और बढ़ सकती है।
केन्द्र सरकार ने 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए 495.60 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।
