पाकिस्तान में खाद्य तेलों के आयात पर खर्च में भारी वृद्धि

23-Apr-2025 07:36 PM

कराची। पाकिस्तान में चालू वित्त वर्ष (जुलाई 2024- जून - 2025) की आरंभिक तीन तिमाही के दौरान खाद्य तेलों के आयात में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले वहां सोयाबीन तेल के आयात में 116.37 प्रतिशत तथा पाम तेल के आयात में 27.42 प्रतिशत का इजाफा हुआ। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2024 से मार्च 2025 के नौ महीनों के दौरान पाकिस्तान में 23,1137 करोड़ डॉलर मूल्य के 2,37655 टन सोयाबीन तेल का आयात हुआ जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में केवल 1,07,705 टन का आयात हुआ था

जिसका मूल्य 11,6070 करोड़ डॉलर रहा था। सोयाबीन तेल के आयात में हुई इस भारी बढ़ोत्तरी से स्पष्ट संकेत मिलता है कि पाकिस्तान के घरेलू प्रभाग में इस तेल की मांग एवं खपत तेजी से बढ़ती जा रही है।  

समीक्षाधीन अवधि के दौरान पाकिस्तान में पाम तेल का आयात खर्च भी 2.084 अरब डॉलर से उछलकर 2.572 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जुलाई 2024 से फरवरी 2025 के दौरान पाकिस्तान में पाम तेल का कुल आयात भी 22.63 लाख टन से बढ़कर 24.89 लाख टन हो गया। 

खाद्य तेलों के आयात में बढ़ोत्तरी होने के बावजूद इन नौ महीनों की अवधि के दौरान पाकिस्तान में खाद्य उत्पादों के आयात पर होने वाले कुल खर्च में 2.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कुल आयात खर्च 2023-24 के 6.290 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 के वित्त वर्ष में 6.118 अरब डॉलर पर अटक गया। पाकिस्तान में दाल-दलहन एवं मसालों सहित कई अन्य कृषि एवं खाद्य उत्पादों का आयात भी बड़े पैमाने पर होता है।

पाम तेल का आयात मुख्यतः मलेशिया एवं इंडोनेशिया से किया जाता है। पाकिस्तान की बढ़ती जनसंख्या के साथ खाद्य तेलों का उपयोग भी बढ़ता जा रहा है।

वहां पाम तेल का नगण्य उत्पादन होता है जबकि वहां सोयाबीन का भी अत्यन्त सीमित उत्पादन होता है। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए खाद्य तेलों के आयात पर बढ़ता खर्च उसकी अर्थ व्यवस्था पर गहरा दबाव डाल सकता है।