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04-Nov-2026 11:40 AM
हैदराबाद। अल नीनो वाले वर्ष में फीड की बढ़ती कीमतों एवं उत्पादों की कमजोर मांग से चिंतित पॉल्ट्री उद्योग द्वारा सरकार से गैर जीएमओ मक्का के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने की जोरदर मांग की जा रही है। इसके अलावा उद्योग ने सरकार से यह आग्रह भी किया है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास क्षतिग्रस्त खाद्यान्न का जो स्टॉक है और जिसे मानवीय खपत के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है उसे पॉल्ट्री फीड में उपयोग के लिए जारी करने की व्यवस्था की जाए।
हैदराबाद में पिछले दिनों आयोजित एक महत्वपूर्ण मीटिंग में पॉल्ट्री उद्योग से जुड़े सुगम संघों-संगठनों एवं प्रतिष्ठानों द्वारा विभिन्न मुद्दों एवं चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई और अंत में सरकार से मक्का के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया।
2026-27 के खरीफ सीजन में बिजाई क्षेत्र घटने तथा मौसम एवं मानसून की हालत अनुकूल नहीं रहने से मक्का के उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है जबकि दूसरी ओर एथनॉल निर्माण में इसकी खपत बढ़ने के आसार हैं क्योंकि सरकार ने एथनॉल उत्पादन में प्रमुख गन्ना अवयवों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। एथनॉल निर्माण में खपत बढ़ने से पूर्व पॉल्ट्री उद्योग में ही मक्का का सर्वाधिक उपयोग होता था। अब भी यह उद्योग विशाल मात्रा में मक्का का उपयोग करता है।
भारत में टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रणाली के तहत अक्सर यूक्रेन एवं म्यांमार सहित कुछ अन्य देशों से शुल्क मुक्त या न्यूनतम शुल्क पर मक्का का आयात होता रहा है। 2025-26 सीजन के दौरान देश में मक्का का सकल उत्पादन तेजी से बढ़कर 551 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था मगर 2026-27 के सीजन में पैदावार घटने की आशंका है।