प्रमुख खाद्य फसलों का औसत मंडी मूल्य एमएसपी से नीचे

23-May-2025 04:58 PM

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीनतम बुलेटिन में कहा गया है कि खरीफ और रबी सीजन के दौरान देश में बम्पर उत्पादन होने के कारण गेंहू को छोड़कर अन्य प्रमुख खाद्य फसलों का औसत मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ गया है

मई माह के लिए उच्च फ्रीक्वेंसी का जो खाद्य मूल्य आकड़ा जारी किया गया है उससे ज्ञात होता है कि 19 मई तक अनाजों एवं दलहनों के दाम में व्यापक स्तर पर थोड़ी नरमी रही। 

केन्द्र सरकार द्वारा कुल मिलाकर 23 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया जाता है जिसमें खरीफ सीजन की 16 एवं रबी सीजन की 7 फसले शामिल है लेकिन सरकारी तौर पर मुख्यतः दो खाद्यान्न फसलों धान (चावल) एवं गेहूं की खरीद ही नियमित रूप से की जाती है

जबकि शेष जिंसों की खरीद आवश्यकता पड़ने पर ही होती है। खाद्य सुरक्षा के उद्देश्य से केन्द्रीय पूल में प्रति वर्ष चावल और गेहूं की विशाल मात्रा की खरीद अनिवार्य रूप से होती है। 

अर्थव्यवस्था की स्थिति पर मई माह के लिए प्रकाशित रिजर्व बैंक के आलेख में आगे कहा गया है कि खाद्य तेल की कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार है।

इसके तहत खासकर सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल तथा सरसो तेल का दाम ऊचा हो गया है जबकि पाम तेल एवं मूंगफली तेल के भाव में थोड़ी नरमी आई है। इसे नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता है। 

दाल दलहनों की कीमतों में शीर्ष स्तर के मुकाबले भारी गिरावट आ चुकी है। आलेख में कहा गया है कि खरीफ और रबी सीजन में हुए बम्पर उत्पादन के कारण और साथ ही साथ सरकार द्वारा किये गए प्रयासों के फलस्वरूप खाद्य महंगाई पर नियंत्रण पाना संभव हो सका है और अधिकांश खाद्य उत्पादों के दाम में नरमी आई है।

इससे आम लोगो को महंगाई की मार से कुछ राहत मिल रही है मई में प्याज का भाव नरम देखा जा रहा है जबकि आलू और टमाटर का दाम कुछ मजबूत हुआ है।

रिजर्व बैंक का कहना है कि 1 अप्रैल से 19 मई 2025 की अवधि में प्रचलित मूल्य के आधार पर औसत मंडी भाव का आंकलन किया गया है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि आलेख में व्यक्त विचार इसके लेखक के है और ये रिजर्व बैंक के विचार या दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करते है।