परस्पर विरोधी दावे के साथ ईरान-अमरीका में हुआ है समझौता
15-Jun-2026 12:31 PM
नई दिल्ली। अमरीका तथा ईरान के बीच शांति समझौते के मसौदा तैयार हो चुका है और इस पर 19 जून 2026 को स्विटरजलैंड के जेनेवा में दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस समझौते के प्रावधानों पर परस्पर विरोधी दावे किए जा रहे हैं।
मुख्य मुद्दा होर्मुज स्ट्रेट को खोलने, ईरान की विदेशों में सीज की गई सम्पत्ति को जारी करने, अमरीकी नौ सैनिक जहाजों को वापस भेजने, परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने तथा अमरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त करने का है।
14 सूत्रीय शर्तों के साथ होने वाले इस करार से भारत सहित दुनिया के अन्य देशों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अमरीका ने दावा किया है कि शीघ्र ही होर्मुज स्ट्रेट जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुल जाएगा लेकिन ईरान इन जहाजों से टोल टैक्स वसूलने पर अड़ा हुआ है।
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से ही जारी भयंकर संकट के कारण भारत को आयात-निर्यात में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खाड़ी क्षेत्र के देश भारत के बड़े व्यापारिक साझीदार हैं। दुनिया की निगाहें 19 जून पर टिकी हुई है।
