पेट्रोल में 20 प्रतिशत के मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने हेतु 10 अरब लीटर एथनॉल की जरूरत
05-Sep-2024 01:26 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने पेट्रोल (गैसोलीन) में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य 2025-26 तक 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का रखा है जो वर्तमान समय में 13 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है।
इस 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने के लिए 10 अरब लीटर से अधिक एथनॉल की जरूरत पड़ेगी जो गत मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में उत्पादित मात्रा से करीब दोगुना ज्यादा है।
चालू वर्ष के दौरान डिस्टीलरीज द्वारा करीब 35 लाख टन मक्का के इस्तेमाल से 1.35 अरब लीटर एथनॉल का निर्माण किया गया।
एथनॉल निर्माण में मक्का के उपयोग की यह मात्रा पिछले मार्केटिंग सीजन की तुलना में लगभग चार गुणा अधिक रही।
हालांकि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में गन्ना से एथनॉल का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं क्योंकि सरकार ने इस पर मात्रात्मक नियंत्रण समाप्त कर दिया है।
लेकिन फिर भी गन्ना एथनॉल का निर्माण 5 अरब लीटर से ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि मिलर्स को चीनी का उत्पादन भी उचित स्तर पर रखना होगा।
सरकार घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए उसने चीनी के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध भी लगा रखा है।
इसका मतलब यह हुआ कि मक्का आधारित एथनॉल का उत्पादन 3 अरब लीटर तक बढ़ाना पड़ेगा और इसके लिए करीब 80 लाख टन मक्का की आवश्यकता देगी।
देश में मक्का का इतना विशाल अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध नहीं होगा क्योंकि पशु आधार-पॉल्ट्री फीड उद्योग तथा स्टार्च निर्माण उद्योग को भी भारी मात्रा में मक्का की आवश्यकता पड़ेगी।
