पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का स्तर 20 प्रतिशत से अधिक नियत होने की उम्मीद
27-Feb-2025 08:31 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा है कि पेट्रोल में 19.6 प्रतिशत एथनॉल का मिश्रण पहले ही शामिल किया जा चुका है जबकि अब इसे 20 प्रतिशत से ऊपर ले जाने पर विचार किया जा रहा है। नीति आयोग ने इसके लिए एक कार्य समूह का गठन किया है और वह इस पर विचार कर रहा है।
देश में गन्ना जूस / सीरप, बी हैवी शीरा, सी हैवी शीरा, चावल तथा मक्का आदि से एथनॉल का उत्पादन किया जाता है .एथनॉल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी की कोशिश जारी है।
सरकार ने एथनॉल निर्माण में गन्ना अवयवों के इस्तेमाल को नियंत्रणों से मुक्त कर दिया है जबकि एथनॉल निर्माताओं को 2250 रुपए प्रति क्विंटल के रियायती मूल्य पर भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से चावल का उठाव करने की अनुमति प्रदान की गई है। सी हैवी शीरा से निर्मित एथनॉल का दाम बढ़ा दिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार पहले वर्ष 2026 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जबकि वर्ष 2025 के आरंभ में ही 19.6 प्रतिशत के मिश्रण को प्राप्त कर लिया गया।
अगले महीने तक यह मिश्रण 20 प्रतिशत पर पहुंच जाने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मिश्रण का लक्ष्य आगे बढ़ाया जा सकता है।
पेट्रोलियम मंत्री का कहना था कि देश में प्रति वर्ष 1700 करोड़ लीटर तक एथनॉल के मिश्रण की क्षमता मौजूद है जबकि पहले से ही 1500 करोड़ लीटर की क्षमता का उपयोग हो रहा है।
भारत में ईंधन आयात पर करीब 150 अरब डॉलर का वार्षिक खर्च बैठ रहा है जिसे घटाने में एथनॉल महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
इससे जहां एक ओर विदेशी मुद्रा की बचत होगी वहीं दूसरी ओर स्वच्छ ईंधन भी हासिल हो सकेगा। हरित हाइड्रोजन की कीमतों को घटाया जाना आवश्यक है।
