रबी कालीन गेहूं, चावल एवं श्री अन्न की खरीद का लक्ष्य निर्धारित
01-Mar-2025 11:52 AM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 2025 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए 310 लाख टन गेहूं, 70 लाख टन चावल और 16 लाख टन श्री अन्न की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार ने प्रमुख उत्पादक प्रांतों से गेहूं की अधिक से अधिक मात्रा की खरीद सुनिश्चित करने के लिए तमाम एहतियाती उपाय करने का आग्रह किया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा अगले दो सप्ताहों में प्रमुख रबी कालीन फसलों के उत्पादन का अनुमान जारी किए जाने की संभावना है और तब पैदावार की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि मंत्रालय तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उत्पादन का व्यावहारिक अनुमान जारी करेगा।
पिछले दिन यानी 28 फरवरी को रबी फसलों और खासकर गेहूं की सरकारी खरीद की व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए केन्द्रीय खाद्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यों के खाद्य सचिव की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई।
खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार राज्यों से प्राप्त इनपुट (फीडबैक) के आधार पर रबी फसलों की खरीद के अनुमान (लक्ष्य) को अंतिम रूप दिया गया।
हालांकि गेहूं खरीद के राज्यवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया गया। हालांकि गेहूं खरीद के राज्यवार लक्ष्य का विवरण अभी घोषित नहीं किया गया है लेकिन पंजाब में सर्वाधिक 125 लाख टन की खरीद का लक्ष्य नियत होने का अनुमान है।
केन्द्रीय खाद्य सचिव ने राज्यों से गेहूं की खरीद में जोरदार सक्रियता दिखाने तथा अधिकतम मात्रा की खरीद सुनिश्चित करने हेतु सभी संभव कदम उठाने का आग्रह किया।
हालांकि विगत वर्षों का अनुभव बताता है कि पंजाब तथा हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद की स्थिति लगभग सामान्य रही है मगर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार एवं गुजरात जैसे प्रांतों में उम्मीद के अनुरूप गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। इन राज्यों को कुछ विशेष सक्रियता दिखानी होगी।
राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिए जाने की संभावना है।
लेकिन गेहूं का थोक मंडी भाव काफी ऊंचा होने से सरकार की चिंता बढ़ गई है। चावल और श्री अन्न की खरीद में विशेष कठिनाई नहीं होगी। यह देखना भी आवश्यक होगा कि गेहूं की फसल पर आगामी कुछ सप्ताहों के मौसम का कितना असर पड़ता है।
