रबी कालीन दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी के संकेत

03-Dec-2024 12:47 PM

नई दिल्ली । शुरूआती चरण में पिछड़ने के बाद रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई में अब अच्छी प्रगति देखी जा रही है जिससे चना, मसूर एवं मटर का रकबा गत वर्ष से आगे निकल गया है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रबी कालीन दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 105 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 109 लाख हेक्टेयर पर पहुंच चुका है मगर 140.44 लाख हेक्टेयर के सामान्य औसत क्षेत्रफल तक पहुंचने में इसे अभी समय लगेगा। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन में सबसे प्रमुख दलहन-चना का उत्पादन क्षेत्र 74.40 लाख हेक्टेयर से उछलकर 78.52 लाख हेक्टेयर, मसूर का बिजाई क्षेत्र 12.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 13.45 लाख हेक्टेयर तथा मटर का रकबा 7.43 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 7.54 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है। लेकिन कुलथी, उड़द, मूंग एवं खेसारी का रकबा गत वर्ष से कुछ पीछे चल रहा है। इसमें आगे सुधार आने के आसार हैं। 

गत वर्ष की तुलना में इस बार रबी सीजन के दौरान कुलथी का रकबा 2.70 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.09 लाख हेक्टेयर, उड़द का उत्पादन क्षेत्र 2.49 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.21 लाख हेक्टेयर,

मूंग का बिजाई क्षेत्र 50 हजार हेक्टेयर से घटकर 22 हजार हेक्टेयर और खेसारी का क्षेत्रफल 2.60 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.28 लाख हेक्टेयर रह गया।

लेकिन रबी सीजन के अन्य दलहनों का क्षेत्रफल 2.28 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.64 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मालूम हो कि उड़द एवं मूंग की खेती खरीफ और रबी-दोनों सीजन में होती है। चना का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल इस बार 101 लाख हेक्टेयर आंका गया है। इसका बाजार भाव ऊंचे स्तर पर बरकरार है।