रिफ्रेंस मूल्य बढ़ने से मलेशियाई पाम तेल पर 10 प्रतिशत का निर्यात शुल्क बरकरार

19-Sep-2025 03:35 PM

कुआलालम्पुर। मलेशिया में अक्टूबर शिपमेंट के लिए क्रूड पाम तेल (सीपीओ) पर 10 प्रतिशत के निर्यात शुल्क को बरकरार रखने की घोषणा की गई है।

सरकारी संस्था- मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) के एक बयान में कहा गया है कि अक्टूबर माह के लिए सीपीओ का आंकलन उस ऊंचे स्तर पर किया गया है जो 10 प्रतिशत निर्यात शुल्क के अनुकूल है। 

उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दुनिया में पाम तेल का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है और भारत में वहां से विशाल मात्रा में इसका आयात किया जाता है। एम्पोब ने अक्टूबर 2025 के लिए क्रूड पाम तेल का रिफरेंस मूल्य 4268.68 रिंगिट प्रति टन आंका है जो सितम्बर के लिए नियत रिफ्रेंस मूल्य 4053.43 रिंगिट प्रति टन से ज्यादा है। 

मलेशिया में प्रचलित निर्यात शुल्क संरचना के अनुरूप जब क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का रिफ्रेंस मूल्य 2250-2400 रिंगिट प्रति टन के बीच होगा तब 3 प्रतिशत का निर्यात शुल्क लगाया जाएगा। निर्यात शुल्क का यह आरंभिक स्तर है। इसके पश्चात जैसे-जैसे रिफ्रेंस मूल्य में वृद्धि होती जाएगी वैसे-वैसे निर्यात शुल्क का स्तर भी बढ़ता जाएगा।

इसकी उच्चतम दर 10 प्रतिशत नियत की गई है जो 4050 रिंगिट प्रति टन के रिफ्रेंस मूल्य के साथ मान्य होगी। कहने का मतलब यह है कि यदि सीपीओ का रिफ्रेंस मूल्य 4050 रिंगिट से ऊपर होगा (भले ही वह कितना भी ऊपर हो) तो उस पर 10 प्रतिशत का निर्यात शुल्क मान्य होगा। इसी तरह यदि रिफ्रेंस मूल्य 2250 रिंगिट प्रति टन से नीचे रहता है तो सीपीओ पर कोई निर्यात टैक्स नहीं लगाया जाएगा 

मलेशिया के लिए भारतीय बाजार अत्यन्त महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां से भारत को प्रति वर्ष विशाल मात्रा में पाम तेल का निर्यात किया जाता है।