रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 आधार बिंदु की कटौती
07-Feb-2025 04:36 PM
मुम्बई । केन्द्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की आज हुई एक महत्वपूर्ण मीटिंग के दौरान रेपो रेट दर में 25 आधार बिंदु (0.25 प्रतिशत) की कटौती की गई।
पिछले पांच साल में पहली बार रेपो रेट घटाया गया है। आरबीआई के गवर्नर के अनुसार इस रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत नियत किया गया है जबकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में केन्द्रीय आम बजट में व्यक्तिगत आयकर में भी कटौती की गई और 12 लाख रुपए तक की सालाना आय को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया ताकि आमदनी की बचत हो और मांग तथा खपत बढ़ाने में सहायता मिल सके।
रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत बिंदु की कटौती का निर्णय आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति द्वारा सर्वसम्मति से किया गया। रेपो रेट ब्याज की वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को ऋण देता है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यदि बैंको एवं वित्तीय संस्थानों को रिजर्व बैंक से सस्ता ऋण मिलेगा तो वे अपने ग्राहकों को भी इसका फायदा देने का प्रयास कर सकते हैं। इससे होम लोन तथा कार आदि सहित अन्य उत्पादों के लिए प्राप्त होने वाले कर्ज के लिए ईएमआई (EMI) में कमी आ सकती है।
रेपो रेट में कटौती के कारण सस्ता ऋण प्राप्त होने पर खर्च एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार बढ़ेगी।
पिछले पांच साल से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा था क्योंकि रिजर्व बैंक को खासकर खाद्य महंगाई बढ़ने की आशंका थी। खाद्य महंगाई का ग्राफ पहले ही काफी ऊपर हो चुका था। अब इसमें कमी आने लगी है।
आरबीआई के गवर्नर का कहना था कि राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बैंक अपना अधिकतम योगदान नियमित रूप से जारी रखेगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक घटकर अब काफी हद तक नियत लक्ष्य के आसपास आ गया है।
