राजस्थान एवं गुजरात के कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी
21-Apr-2025 11:30 AM
नई दिल्ली। देश के दोनों पश्चिमी प्रांतों- राजस्थान एवं गुजरात के कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी है और निकट भविष्य में उच्चतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक का उतार-चढ़ाव आने का अनुमान है।
इससे राजस्थान में रबी फसलों तथा गुजरात में रबी के साथ-साथ ग्रीष्मकालीन (जायद) फसलों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर घटकर काफी नीचे आ गया है जिससे फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलना मुश्किल है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से 18 अप्रैल को दिल्ली- एनसीआर तथा पर्वतीय राज्यों में बारिश हुई थी जिसमें जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड शामिल थे लेकिन राजस्थान एवं गुजरात का अधिकांश इलाका सूखे की चपेट में फंसा रहा।
गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ संभाग में पारा काफी ऊंचा हो गया और राजस्थान के अनेक क्षेत्र में भी 'लू' का प्रकोप रहने की चेतावनी दी गई है।
वहां गेहूं, जौ, सरसों एवं चना जैसी महत्वपूर्ण रबी फसलों की जोरदार कटाई-तैयारी हो रही है मगर ऊंचे तापमान से पिछैती बिजाई फसलों की उपज दर एवं क्वालिटी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
गुजरात में जायद फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है और वहां इसके बेहतर विकास के लिए मौसम का अनुकूल होना आवश्यक है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश में भी बारिश की आवश्यकता महसूस की जा रही है। वहां मानसून-पूर्व की वर्षा कम हुई है।
मौसम विभाग ने माना है कि देश के अधिकांश भाग में मार्च माह के दौरान वर्षा नहीं या नगण्य हुई और मध्य अप्रैल तक मौसम शुष्क एवं गर्म बना रहा।
पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में कपास की अगैती बिजाई शुरू हो चुकी है और उसे भी वर्षा की जरूरत पड़ेगी। वैसे खरीफ फसलों की खेती जून से ही जोर पकड़ सकेगी।
