राजस्थान के अनेक भागों में बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान

03-Mar-2025 11:50 AM

जयपुर। देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित सरसों एवं जौ के सबसे प्रमुख तथा गेहूं के एक महत्वपूर्ण उत्पादक प्रान्त- राजस्थान के विभिन्न भागों में पिछले सप्ताह तेज हवा के साथ वर्षा होने तथा कहीं-कहीं ओले गिरने से रबी फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सम्बद्ध अधिकारियों को फसलों को हुई क्षति का सर्वेक्षण करने  का आदेश दे दिया है। मौसम विभाग के अनुसार 1 मार्च (शनिवार) की शाम में भरतपुर और धोलपुर जैसे जिलों में ओलावृष्टि एवं बारिश दर्ज की गई। 

जानकारों के अनुसार मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव से राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में रबी फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता एवं कम दाब के निर्माण के कारण वहां हवा की गति तेज रही और गरज-चमक के साथ बारिश हुई।

इससे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ मगर जहां ओलावृष्टि हुई वहां फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई। राजस्थान कृषि विभाग ने 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान राज्य में 55.57 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया है।

वहां जौ तथा गेहूं सहित अन्य रबी फसलों के भी बेहतर उत्पादन की उम्मीद व्यक्त की जा रही थी मगर अब मौसमी प्रकोप से उत्पादन के अनुमान में कुछ कमी आ सकती है।

फसलों को कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी तो सर्वेक्षण का कार्य पूरा होने के बाद ही मिल सकेगी लेकिन कई क्षेत्रों में किसानों की चिंता एवं कठिनाई बढ़ गई है। 

राजस्थान केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाले शीर्ष 5 राज्यों की सूची में शामिल है जहां गेहूं पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है।

केन्द्र सरकार ने इस वर्ष गेहूं का एमएसपी 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि राजस्थान के किसानों को 2550 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य प्राप्त होगा।