राजस्थान के किसानों द्वारा नीचे दाम पर सरसों नहीं बेचने का निर्णय
28-Feb-2025 06:08 PM
भरतपुर। केन्द्र सरकार ने 2024-25 के रबी सीजन हेतु सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जो 2023-24 सीजन के समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए ज्यादा है मगर देश की अनेक मंडियों में सरसों का भाव एमएसपी से नीचे चल रहा है।
इस बीच सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में किसानों के एक समूह ने कम से कम 15 मार्च तक 6000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे दाम पर अपनी सरसों का स्टॉक नहीं बेचने का निर्णय लिया है।
किसान महापंचायत के अध्यक्ष ने कहा है कि 6000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे मूल्य पर सरसों की बिक्री नहीं की जाएगी और यह निर्णय राजस्थान के सभी प्रमुख उत्पादक जिलों के किसानों को बताया जाएगा।
रबी सीजन की इस सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसल के उत्पादन में राजस्थान सबसे अग्रणी राज्य है और कुल राष्ट्रीय उत्पादन में इसकी भागीदारी 50 प्रतिशत के आसपास रहती है।
संगठन का कहना है कि मध्य मार्च तक सरसों की बिक्री नीचे दाम पर नहीं की जाएगी और उसके बाद तमाम परिस्थितियों का ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
अविभाजित अलवर जिले के टोंक में अनेक किसानों ने महाशिवरात्रि के दिन संकल्प लिया कि वे 6000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे मूल्य पर सरसों नहीं बेचेंगे। किसान पिछले कुछ वर्षों से सरसों सत्याग्रह करते रहे हैं।
उनका कहना है कि सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग स्वीकार नहीं कर रही है लेकिन उसे यह अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को एमएसपी से नीचे दाम पर अपनी सरसों बेचने के लिए विवश न होना पड़े।
राजस्थान सरकार ने इस बार राज्य में 55.57 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया है। केन्द्र सरकार ने अभी उत्पादन का अनुमान जारी नहीं किया है। राष्ट्रीय स्तर पर सरसों के बिजाई क्षेत्र में इस बार गिरावट आई है।
