राजस्थान में खरीफ फसलों की हालत पर रहेगी नजर

11-Sep-2025 09:27 PM

जयपुर। चालू मानसून सीजन के दौरान अत्यन्त अधिशेष बारिश एवं विनाशकारी बाढ़ से पंजाब और राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बेशक पंजाब के लगभग सभी जिलों में बाढ़ से खरीफ फसलों को नुकसान होने की आशंका है मगर वहां मुख्यतः धान की खेती होती है जबकि अन्य फसलों की बिजाई सीमित क्षेत्रफल में की जाती है।

दूसरी ओर बाढ़ की विभीषिका से राजस्थान भी त्रस्त है लेकिन वहां अनेक फसलों की खेती बढ़े पैमाने पर होती है जिसमें ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द, मोठ चौला, मूंगफली, सोयाबीन, तिल, अरंडी कपास और ग्वार आदि सम्मिलित है।

उल्लेखनीय है राजस्थान देश में मूंग, बाजरा, मोठ एवं ग्वार का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जबकि मूंगफली एवं अरंडी के उत्पादन में दूसरे तथा सोयाबीन के उत्पादन में तीसरे नंबर पर रहता है।     

राजस्थान में खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के लगभग बराबर ही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार राज्य में धान, ज्वार, मक्का, मूंग, उड़द, चौला, तुवर, तिल, मूंगफली, अरंडी तथा कपास के उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है

जबकि बाजरा, मोठ, सोयाबीन तथा ग्वार का क्षेत्रफल घट गया है। क्षेत्रफल में सर्वाधिक गिरावट ग्वार एवं सोयाबीन में आई है जबकि उसकी फसल को अत्यधिक वर्षा खेतों में जल जमाव एवं प्रलयकारी बाढ़ से नुकसान भी होने की खबर है।

इसी तरह इन प्राकृतिक आपदाओं से मूंग, उड़द एवं मूंगफली तथा कहीं-कहीं कपास की फसल को नुकसान होने की सूचना मिल रही है। फसलों की क्षति का आंकलन किया जा रहा है।