राजस्थान में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष के बराबर

10-Sep-2025 06:27 PM

जयपुर। हालांकि देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में इस वर्ष खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 157.77 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंचा है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 157.74 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर ही है लेकिन भारी वर्षा एवं खतरनाक बाढ़ के कारण फसलों को हो रही क्षति को देखते हुए वहां खरीफ उत्पादन में कमी आने की संभावना है। 

राज्य कृषि विभाग के दौरान नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राजस्स्थान में पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान धान एवं मोटे अनाजों का उत्पादन क्षेत्र 62.34 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 63.06 लाख हेक्टेयर, दलहनों का बिजाई क्षेत्र  36.12 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 36.52 लाख हेक्टेयर,

तिलहन का क्षेत्रफल 22.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 23.54 लाख हेक्टेयर तथा कपास का रकबा 5.20 लाख हेक्टेयर से उछलकर 6.29 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन ग्वार का बिजाई क्षेत्र 27.21 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 24.51 लाख हेक्टेयर तथा गन्ना का रकबा 5 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 4 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। 

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान राजस्थान में धान का उत्पादन क्षेत्र 2.98 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.44 लाख हेक्टेयर, ज्वार का रकबा 6.40 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 6.67 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 9.70 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.85 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर बाजरा का बिजाई क्षेत्र 43.25 लाख हेक्टेयर से गिरकर 43.15 लाख हेक्टेयर रह गया।  

दलहन फसलों में मूंग का उत्पादन क्षेत्र 23.15 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 23.58 लाख हेक्टेयर, उड़द का बिजाई क्षेत्र 2.98 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.13 लाख हेक्टेयर, चौला का क्षेत्रफल 46 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 58 हजार हेक्टेयर तथा तुवर का रकबा 3 हजार हेक्टेयर से उछलकर 15 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया

जबकि मोठ का रकबा 9.50 लाख हेक्टेयर से गिरकर 9.08 लाख हेक्टेयर पर आ गया। बाढ़-वर्षा से मूंग एवं मोठ की फसल को नुकसान होने की सूचना मिल रही है। 

राजस्थान में गत वर्ष के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन में तिल का रकबा 1.83 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.92 लाख हेक्टेयर, मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 8.55 लाख हेक्टेयर से उछलकर 9.91 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का क्षेत्रफल 1.70 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1.88 लाख हेक्टेयर पर हो गया। लेकिन सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 10.79 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.83 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।