राजस्थान में मूंगफली की फसल अच्छी मगर मोठ, ग्वार, मूंग एवं नरमा को नुकसान
19-Sep-2025 05:04 PM
बीकानेर। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में खरीफ फसलों की बिजाई तो पिछले साल के लगभग बराबर ही हुई है लेकिन मौसम एवं मानसून की स्थिति के अनुरूप कुछ फसलों को फायदा तथा कुछ फसलों को नुकसान हुआ है।
एक प्रगतिशील किसान श्रीपाल सारस्वत का कहना है कि राज्य में इस बार मूंगफली फसल की हालत बहुत अच्छी है और इसके बिजाई क्षेत्र में भी इजाफा हुआ है जिससे इस महत्वपूर्ण तिलहन फसल का शानदार उत्पादन हो सकता है।
दूसरी ओर उन्होंने ग्वार एवं मोठ की पैदावार में भारी कमी आने की आशंका व्यक्त करते हुए मूंग एवं नरमा (कपास) का उत्पादन भी कुछ घटने का अनुमान लगाया है।
मोठ और ग्वार की फसल को विभिन्न मौसमी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे इसकी औसत उपज दर में गिरावट आने की संभावना है। मूंग की फसल आमतौर पर सामान्य हालत में है मगर कहीं-कहीं इसे प्राकृतिक आपदाओं से क्षति भी हुई है कपास की फसल को पहले कीड़ों-रोगों ने परेशान किया था और बाद में मौसम ने इसे आंशिक रूप से प्रभावित किया।
पिछले कई दिनों से राजस्थान में बारिश बंद है जबकि कुछ इलाकों में तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस के ऊंचे स्तर पर चल रहा है। इससे सामान्य वर्षा वाले इलाकों में खेत सूखने लगे हैं।
वहां अब बारिश की आवश्यकता महसूस की जा रही है अन्यथा कुछ खरीफ फसलों की दशा बिगड़ सकती है। सारस्वत का कहना है कि मोठ तथा ग्वार के पौधों में फलियां कम लगी हैं और फलियों में दाने की संख्या भी कम देखी जा रही हैं।
मोठ का रकबा तो गत वर्ष के लगभग बराबर ही रहा मगर ग्वार के बिजाई क्षेत्र में भारी गिरावट आ गई क्योंकि किसानों को इसका आकर्षक एवं लाभप्रद मूल्य प्राप्त नहीं हुआ।
अगले महीने के मध्य से सभी खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी जोर पकड़ने लगेगी और फिर मंडियों में आपूर्ति बढ़ती जाएगी। छिटपुट आवक शुरू हो चुकी है।
अगस्त की अधिशेष वर्षा एवं स्थानीय स्तर की बाढ़ से राजस्थान में खरीफ फसलों को कुछ क्षति तो हुई है मगर उतना गंभीर नुकसान नहीं हुआ जितना पहले अनुमान लगाया जा रहा था।
