राजस्थान में रबी फसलों के उत्पादन का अनुमान जारी
08-Feb-2025 11:08 AM
जयपुर । देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान के कृषि विभाग ने 2024-25 के रबी सीजन के लिए विभिन्न फसलों का उत्पादन अनुमान जारी कर दिया है।
इसके तहत 2023-24 सीजन की तुलना में गेहूं का उत्पादन लगभग बराबर होने, जौ तथा चना का उत्पादन कुछ बढ़ने और सरसों की पैदावार घटने की संभावना व्यक्त की गई है।
जयपुर स्थित एक विश्वसनीय प्रतिष्ठान- मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के प्रबंध निदेशक- अनिल चतर का कहना है कि यद्यपि उद्योग- व्यापार क्षेत्र ने अभी तक सरसों के उत्पादन का अनुमान नहीं लगाया है
लेकिन बिजाई क्षेत्र में कमी आने से राज्य में सरसों का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले करीब 5 प्रतिशत घटने की संभावना है। ज्ञात हो कि राजस्थान देश में सरसों का सबसे प्रमुख उत्पादन प्रान्त है।
राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 के मुकाबले 2024-25 के सीजन में राजस्थान में सरसों का बिजाई क्षेत्र 39.41 लाख टन से गिरकर 55.55 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना है। सरसों रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल मानी जाती है।
जहां तक चना की बात है तो एक अग्रणी व्यापारी ने राजस्थान में इसका उत्पादन 20-25 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान लगाया है। उसके अनुसार चना की फसल के लिए इस बार मौसम काफी हद तक अनुकूल रहा और किसानों ने इसकी खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखाई
कृषि विभाग के मुताबिक पिछले साल की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान राजस्थान में चना का बिजाई क्षेत्र 18.14 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जबकि इसका उत्पादन 22.34 लाख टन से बढ़कर 25.35 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है।
इसी तरह गेहूं का क्षेत्रफल गत वर्ष के 30.77 लाख हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 31.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि इसका उत्पादन 120.83 लाख टन से बढ़कर 122.35 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है।
जौ का मामला भी कुछ इसी तरह का है। इसका बिजाई क्षेत्र पिछले सीजन के 2.85 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 3.95 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि कुल उत्पादन 10.26 लाख टन से उछलकर 14.35 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है। राजस्थान जौ का भी प्रमुख उत्पादक प्रान्त है।
