राजस्थान में सरकारी खरीद के लक्ष्य में कटौती होने से मूंग के मूल्य पर दबाव बढ़ने की संभावना
21-Dec-2024 01:11 PM
जयपुर । राजस्थान में पिछले साल कुल 3,01,650 टन मूंग की सरकारी खरीद का लक्ष्य नियत हुआ था जिसे चालू वर्ष के लिए 98,345 टन घटकर 2,03,3505 टन निर्धारित किया गया है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद के लक्ष्य में करीब 30 प्रतिशत की भारी कटौती होने से किसानों को खुले बाजार में औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ेगा जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बरकरार रहने की संभावना है। मालूम हो कि मूंग का भाव पहले ही घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे आ चुका है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में मूंग का ज्यादा उत्पादन नागौर एवं डीडवाना-कुचासन जिलों में होता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इन जिलों में 5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मूंग की खेती हुई थी और वहां करीब 4.21 लाख टन मूंग का उत्पादन होने का अनुमान है जबकि सरकारी खरीद इसके आधे से भी कम भाग की होगी।
एमएसपी पर अपना मूंग बेचने के लिए अभी तक केवल 15 प्रतिशत किसानों को ही टोकन हासिल हो सका है। खुले बाजार में मूंग का भाव एमएसपी से करीब 1500/2000 रुपए प्रति क्विंटल नीचे चल रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार समूचे राजस्थान में इस बार 85 हजार किसानों से 2.03 लाख टन मूंग की खरीद की जाएगी जिसमें से करीब 33 हजार किसान नागौर तथा डीडवाना-कुचासन जिले के हैं जिनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है।
इन दोनों जिलों के 80-85 प्रतिशत मूंग उत्पादकों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया अथवा उसे टोकन नहीं मिला। वहां कुल 15 क्रय केन्द्रों पर 4.31 लाख क्विंटल मूंग खरीदा गया है।
नागौर जिले में 21,821 पंजीकृत किसानों में से 11,550 से तथा डीडवाना-कुचासन में 10,792 रजिस्टर्ड किसानों में से 7584 से मूंग की खरीद संभव हो पाई है। वहां खरीद की प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
राजस्थान के अन्य उत्पादक क्षेत्रों में भी किसान काफी चिंतित और परेशान हैं क्योंकि उसके पास मूंग का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है मगर इसकी सरकारी खरीद काफी कम हो रही है।
