राजस्थान और गुजरात में खरीफ फसलों की शानदार बिजाई जारी

03-Jul-2025 08:29 PM

नई दिल्ली। वैसे तो आमतौर पर देश के अधिकांश प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में मानसून के जल्दी पहुंचने से खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है मगर राजस्थान और गुजरात में क्षेत्रफल में शानदार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 30 जून तक खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र महाराष्ट्र में 78.55 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 79.73 लाख हेक्टेयर तथा कर्नाटक में 42.05 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 43.55 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि गुजरात में 24.41 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 33.92 लाख हेक्टेयर और राजस्थान में 15.46 लाख हेक्टेयर से उछलकर 71.44 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

दरअसल पिछले साल राजस्थान में मानसून 2-3 जुलाई को पहुंचा था इसलिए जून माह के दौरान खरीफ फसलों की बिजाई की गति धीमी रही थी। उसके मुकाबले इस बार यहां मानसून न केवल काफी पहले पहुंच गया बल्कि लगातार सक्रिय भी बना हुआ है।

गुजरात में भी मानसून की अच्छी सक्रियता देखी जा रही है। दूसरी ओर महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में मई माह के अंतिम सप्ताह के दौरान मानसून की जोरदार बारिश हुई मगर जून में वर्षा की रफ्तार धीमी पड़ गई और इसलिए खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र में ज्यादा इजाफा नहीं हो सका जबकि वहां बिजाई जल्दी शुरू हो गई थी। 

खरीफ सीजन के दौरान बाजरा, मूंग तथा ग्वार का सर्वाधिक उत्पादन राजस्थान में होता है जबकि गुजरात कपास, मूंगफली एवं अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है। महाराष्ट्र और कर्नाटक तुवर के शीर्ष उत्पादक प्रान्त हैं।

महाराष्ट्र कपास के उत्पादन में दूसरे नम्बर पर रहता है तो राजस्थान मूंगफली का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है। सोयाबीन के उत्पादन में मध्य प्रदेश पहले, महाराष्ट्र दूसरे तथा राजस्थान तीसरे नम्बर का राज्य है।

कर्नाटक खरीफ कालीन मक्का का एक अग्रणी उत्पादक राज्य माना जाता है। बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़, तेलंगाना एवं उड़ीसा धान-चावल के अग्रणी उत्पादक राज्य है। राजस्थान एवं गुजरात में मोठ की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। उड़द के उत्पादन में मध्य प्रदेश आगे रहता है।