राजस्थान से मानसून की वापसी नियत तिथि से तीन दिन पूर्व ही शुरू
15-Sep-2025 11:45 AM
नई दिल्ली। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान से दक्षिण- पश्चिम मानसून की वापसी मात्रा 14 सितम्बर से ही आरंभ हो गई जबकि मौसम विभाग ने इसकी तिथि 17 सितम्बर नियत की थी। मौसम विभाग के मुताबिक चालू मानसून सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर कुल 840.3 मि०मी० वर्षा हुई जो दीर्घकालीन औसत (एलपीए) 790.1 मि०मी० से करीब 7 प्रतिशत अधिक है।
मानसून की वापसी के दौरान भी कुछ राज्यों में भारी वर्षा हो सकती है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर अभी जारी है।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान से मानसून विदा हो चुका है जबकि अगले कुछ दिनों में पंजाब और गुजरात से भी इसके प्रस्थान कर जाने की संभावना है।
1 जून से 14 सितम्बर 2025 के बीच पश्चिमी राजस्थान में सामान्य औसत से 75 प्रतिशत अधिक बारिश हुई लेकिन 11-14 सितम्बर के दौरान वहां नगण्य वर्षा हुई। इससे मानसून के प्रस्थान करना के स्पष्ट संकेत मिलता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक बयान में कहा गया है कि राजस्थान के कुछ अन्य भागों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रस्थान करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई है जबकि अगले 2-3 दिनों में वह पंजाब और गुजरात से भी विदा हो सकता है।
बयान में कहा गया है कि पश्चिमी राजस्थान में मध्यमान समुद्र तट से करीब डेढ़ किलोमीटर ऊपर एक एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है और वहां पिछले पांच दिनों के दौरान कोई वर्षा नहीं हुई।
इसके अलावा उस क्षेत्र में मध्य ट्रोपोस्फेयर तक वातावरण में नमी का अंश घट गया है। मानसून के प्रस्थान करने की लाइन फिलहाल श्री गंगानगर, नागौर, जोधपुर एवं बाड़मेर से होकर गुजर रही है।
1 जून से 14 सितम्बर के दौरान सामान्य औसत के सापेक्ष देश के पूर्वी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई लेकिन पश्चिमोत्तर भाग में 32 प्रतिशत, मध्यवर्ती क्षेत्र में 11 प्रतिशत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप में 8 प्रतिशत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई जिससे वहां बाढ़ का गंभीर प्रकोप देखा गया।
