राज्यों को 30 सितम्बर तक मुफ्त राशन योजना को अपात्र लाभार्थियों का नाम हटाने का निर्देश
10-Sep-2025 11:26 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों से 30 सितम्बर 2025 तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मुफ्त राशन प्राप्त करने वाले सभी अपात्र लाभार्थियों को इस सूची से बाहर करने का कार्य पूरा कर लेने का आग्रह किया है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों (लाभार्थियों) को योजना के दायरे से बाहर करना है जो सही मामले में इसका लाभ उठाने के हकदार नहीं है।
दरअसल नया राशन कार्ड बनवाने की प्रतीक्षा सूची विभिन्न राज्यों में अलग-अलग है। इसके तहत दिल्ली में 11 लाख लोग तथा महाराष्ट्र में 88 हजार व्यक्ति नया राशन कार्ड बनाने की प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं।
आरंभिक अनुमान के अनुसार देश भर में 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त राशन, योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है जबकि इसमें से कम से कम 10-20 प्रतिशत लाभार्थी यह लाभ हासिल करने के लिए योग्य नहीं है।
वस्तुतः मुफ्त राशन योजना के लाभार्थियों की सूची में ऐसे व्यक्तियों का नाम भी शामिल हैं जो करदाता हैं, कंपनियों के डायरेक्टर हैं और जिनके पास अपनी कार है।
ऐसे असंख्य लोग भी इस सूची में शामिल हैं जो प्रांतीय स्तर पर योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बनाई गई पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
कहने का आशय यह है कि समृद्ध वर्ग के अनेक लोग भी इस योजना से जुड़े हुए हैं। वे वास्तव में राशन तो नहीं लेते हैं मगर उसके नाम पर राशन का वितरण हो जाता है।
केन्द्रीय निर्देश के बाद महाराष्ट्र, राजस्थान, उड़ीसा एवं मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों ने मुफ्त राशन योजना के लाभार्थियों की सूची से अपात्र लोगों का नाम हटाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
साइलेंट राशन कार्ड धारकों की संख्या भी बहुत अधिक है जिन्होंने पिछले छह माह से एक वर्ष की अवधि के दौरान राशन प्राप्त नहीं किया है। ऐसे कार्ड धारकों की पहचान करने का प्रयास तेज किया गया है।
जुलाई में खाद्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा था कि सैद्धांतिक रूप से देश के करीब 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रति माह की दर से मुफ्त में राशन (चावल अथवा गेहूं) दिया जा रहा है।
सरकार इसमें नए लाभार्थी का नाम जोड़ना चाहती है। इसके लिए आवश्यक है कि पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित, व्यावहारिक एवं पारदर्शी बनाया जाए और अपात्र लोगों का नाम सूची से हटाया जाए।
