रेसिप्रोकल टैरिफ से बचने हेतु बांग्ला देश द्वारा अमरीकी रूई खरीदने की पेशकश
09-Apr-2025 01:02 PM
ढाका। अमरीका ने बांग्ला देश के उत्पादों पर 37 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है जिससे खासकर बांग्ला देश का कॉटन टेक्सटाइल उद्योग बेहद चिंतित और परेशान है।
उल्लेखनीय है कि चीन के बाद बांग्ला देश संसार में रेडीमेट गारमेंट का दूसरा सबसे प्रमुख निर्यातक देश है और अमरीका इसके सबसे प्रमुख बाजारों में से एक है।
रेसिप्रोकल टैरिफ से बचने के लिए बांग्ला देश ने अमरीका से विभिन्न कृषि उत्पादों की खरीद का ऑफर दिया है जिसमें रूई भी शामिल है। बांग्ला देश अमरीका से रूई का शुल्क मुक्त आयात करने के लिए भी तैयार हो गया है।
बांग्ला देश के मुख्य सलाहकार ने अमरीकी राष्ट्र्पति को एकपत्र भेजकर सूचना दी है। पत्र में बांग्ला देश से अमरीका को होने वाले निर्यात पर रेसिप्रोकल टैरिफ को तीन माह के लिए स्थगित रखने का आग्रह किया गया है और इसके बदले में अनेक उपायों का प्रस्ताव रखा गया है।
इसमें एलन मस्क के स्टारलिंक को बांग्ला देश में लांचिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना तथा देश के अग्रिम एवं उनाव तकनीकी क्षेत्र जैसे नागरिक उड्डयन तथा रक्षा क्षेत्र को अमरीकी कंपनियों के लिए खोलना भी शामिल है।
बांग्ला देश के साथ-साथ वियतनाम एवं कम्बोडिया जैसे वस्त्र उत्पादक-निर्यातक देश भी अमरीका को नए-नए ऑफर दे रहे हैं ताकि उसे रेसिप्रोकल टैरिफ के दायरे से बाहर रखा जा सके।
दरअसल अमरीका में बांग्ला देश से विशाल मात्रा में रेडीमेड वस्त्रों का निर्यात होता है जिससे उसे भारी कमाई होती है।
37 प्रतिशत का टैरिफ लगने पर वहां इसका निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है और वह भारत के हाथों अमरीकी बाजार को गंवा सकता है।
