राष्ट्रीय स्तर पर 38 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग अभी जारी
17-Apr-2025 07:20 PM
नई दिल्ली। शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर कुल 534 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हुई थी जिसमें से 15 अप्रैल 2025 तक 496 इकाइयां बंद हो गईं और अब केवल 38 प्लांटों में क्रशिंग जारी है।
इसके तहत उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 22 मिलों तथा तमिलनाडु में 16 मिलों में गन्ना की क्रशिंग हो रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात में 1-1 इकाइयां अभी चालू हैं
जबकि कर्नाटक सहित अन्य तमाम उत्पादक राज्यों की सभी चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। जिन 38 मिलों में काम अभी चालू है उसमें भी अधिकांश इकाइयां चालू माह के अंत तक बंद हो जाने की संभावना है।
इस्मा के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 1 अक्टूबर 2024 से 15 अप्रैल 2025 के दौरान देश में कुल मिलाकर 254.97 लाख टन चीनी का शुद्ध उत्पादन हुआ।
इसके तहत उत्तर प्रदेश में 91.10 लाख टन, महाराष्ट्र में 80.76 लाख टन, कर्नाटक में 40.40 लाख टन, गुजरात में 8.86 लाख टन, तमिलनाडु में 4.70 लाख टन तथा देश के अन्य राज्यों में 29.15 लाख टन का उत्पादन शामिल है।
इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड आदि सम्मिलित हैं।
इस्मा की रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 के मार्केटिंग सीजन के दौरान एथनॉल निर्माण में केवल 21.50 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना का इस्तेमाल हुआ था जबकि 2024-25 के वर्तमान सीजन में इसकी मात्रा बढ़कर 35 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में 16 चीनी मिलें अभी क्रियाशील हैं और उसे गन्ना की अच्छी आपूर्ति हो रही है। इसे देखते हुए अप्रैल के अंत या मई के प्रथम सप्ताह तक उसमें काम जारी रहने की उम्मीद है।
लेकिन महाराष्ट्र की हालत बहुत खराब रही और वहां चीनी का कुल उत्पादन 81 लाख टन से ऊपर पहुंचना मुश्किल है।
कर्नाटक में भी स्थिति अच्छी नहीं है मगर वहां जून-जुलाई से गन्ना क्रशिंग का स्पेशल स्तर आरंभ हो सकता है। इसी तरह तमिलनाडु में भी इस अवधि के दौरान कुछ मिलों में गन्ना की क्रशिंग हो सकती है।
