रिटेलर्स को घटते मंडी भाव के अनुरूप दाल-दलहन का दाम नियत करने का सुझाव
10-Feb-2025 04:19 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के खुदरा कारोबारियों (रिटेलर्स) से कहा है कि थोक मंडियों में जिस तरह से भाव घटता है उसके अनुरूप ही इसे भी दाल-दलहन की कीमतों को घटाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को शुल्क कटौती का फायदा हासिल हो सके।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यद्यपि पिछले दो माह के दौरान तुवर, मसूर, चना, मूंग, उड़द एवं पीली मटर के थोक मंडी मूल्य में 5 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है लेकिन इसका खुदरा भाव अब भी ऊंचे स्तर पर मजबूत बना है इसलिए आम लोगों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। रिटेलर्स को दाल-दलहनों का दाम घटाना चाहिए।
उपभोक्ता मामले विभाग के मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ के अनुसार 8 फरवरी 2025 को बेंचमार्क मॉडल खुदरा मूल्य तुवर दाल का 160 रुपए प्रति किलो, उड़द दाल का 120 रुपए प्रति किलो तथा मसूर दाल का 90 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया जो तीन माह पूर्व प्रचलित मूल्य के बराबर ही था।
इस बीच इन दालों के थोक मूल्य में गिरावट आई लेकिन खुदरा भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। केवल मूंग दाल का खुदरा मूल्य इस अवधि में 8 प्रतिशत घटकर 110 रुपए प्रति किलो पर आया है।
लातूर के एक अग्रणी प्रोसेसर्स एवं व्यापारी का कहना है कि दालों के थोक मंडी भाव तथा खुदरा बाजार मूल्य में गिरावट आने के बीच समय का अंतराल बढ़ गया है लेकिन आगामी कुछ सप्ताहों में खुदरा दाम भी नरम पड़ना शुरू हो जाएगा।
खरीफ कालीन फसलों की नई आवक होने तथा विदेशों से भारी मात्रा में आयात जारी रहने से विभिन्न किस्मों के दलहनों की कीमतों में नरमी आई है और तुवर, उड़द तथा मूंग का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास आ गया है।
लातूर मंडी में तुवर तथा उड़द का भाव तेजी से नीचे आया है। उल्लेखनीय है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन हेतु सरकार द्वारा तुवर का एमएसपी 7550 रुपए प्रति क्विंटल तथा उड़द का 7400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
पिछले दो वर्षों के दौरान घरेलू उत्पादन कम होने से इसका औसत भाव क्रमश: 10,000 रुपए प्रति क्विंटल एवं 9000 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर चल रहा था। इससे इसकी सरकारी खरीद में भी बाधा पड़ी।
