सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में नए गेहूं की जोरदार आवक जारी

21-Apr-2025 06:16 PM

नई दिल्ली। शानदार उत्पादन की उम्मीद के साथ देश के सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में नए गेहूं की जोरदार आवक तथा सरकारी खरीद होने लगी है। चालू रबी मार्केटिंग सीजन में 16 अप्रैल तक राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 83.58 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी और इसकी रफ्तार आगे और तेज होने की संभावना है।

ध्यान देने की बात है कि केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस वर्ष कुल 312.70 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य नियत किया है। इसके तहत पंजाब में 124 लाख टन, हरियाणा में 75 लाख टन, मध्य प्रदेश में 60 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 30 लाख टन,

राजस्थान में 20 लाख टन, बिहार में 2 लाख टन, गुजरात में 1 लाख टन, उत्तराखंड में 50 हजार टन तथा हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर में 10-10 हजार टन की खरीद का लक्ष्य शामिल है। 

केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की खरीद की तिथि पंजाब- हरियाणा में 15 मई, बिहार तथा हिमाचल प्रदेश में 15 जून, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तराखंड में 30 जून तथा गुजरात और जम्मू कश्मीर में 31 मई 2025 तक नियत की गई है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान कुल मिलाकर पंजाब में 124.65 लाख टन, हरियाणा में 71.51 लाख टन, मध्य प्रदेश में 48.39 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 9.31 लाख टन, राजस्थान में 12.06 लाख टन, बिहार में 10 हजार टन, हिमाचल प्रदेश में 3 हजार टन तथा उत्तराखंड में 2 हजार टन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 266.05 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। 

गेहूं के घरेलू उत्पादन के बारे में तरह-तरह के अनुमान सामने आ रहे हैं। केन्द्र सरकार ने 1154.50 लाख टन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 1222.40 लाख टन तथा फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ने लगभग 1100 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना व्यक्त की है।

करनाल स्थित संस्था- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान का मानना है कि चालू सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन सरकरी अनुमान से ज्यादा हो सकता है और यह 1200 लाख टन के आसपास पहुंच सकता है।

नए माल की जोरदार आवक कम से कम 31 मई तक जारी रहेगी और सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ व्यापारिक फर्मों तथा फ्लोर मिलों द्वारा इसकी खरीद भी होती रहेगी।

गेहूं के लिए भंडारण सीमा का आदेश पहले ही वापस लिया जा चुका है जिससे मिलर्स एवं स्टॉकिस्टों को अपनी मर्जी एवं जरूरत के अनुरूप इसकी खरीद करने की स्वतंत्रता मिल गई है।