सीएमआर की जगह फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास

20-Dec-2024 06:18 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने अपनी वर्षांत समीक्षा में कहा है कि फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति की योजना मार्च 2024 में सफलता पूर्वक क्रियान्वित की गई और इसके लिए नियत मात्रा का शत-प्रतिशत उठाव भी हो गया।

इसके फलस्वरूप कस्टम मिल्ड चावल (सीएमआर) की जगह फोर्टिफाइड चावल का वितरण बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत समूचे देश में राशन कार्ड का 100 प्रतिशत डिजीटलीकरण हो गया है

और 99.8 प्रतिशत उचित दर की (राशन) दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पोस) की स्वचालित विधि का उपयोग होने लगा है। इसकी सहायता से लाभार्थियों के बीच रियायती खाद्यान्न का पारदर्शी तरीके से वितरण सुनिश्चित हो रहा है। 

एक देश- एक राशन कार्ड का प्लान देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वित हो गया है और लगभग 80 करोड़ लाभार्थी  इसकी परिधि में आ चुके हैं।

मंत्रालय के मुताबिक क्रेडिट गारंटी स्कीम से फसल कटाई के बाद ऋण का दायरा बढ़ाने में सहायता मिल रही है। ई-एन डब्ल्यू आर के सापेक्ष यह ऋण प्राप्त किया जा सकता है।

यह प्लान किसानों की आमदनी सुधरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी तरह खाद्यान्न के रूट ऑप्टिमाइजेशन से विदेशी मुद्रा की बचत हो रही है और कार्बन डाय ऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आ रही है। 

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कोरोना काल में प्रथम से सातवें चरण तक 28 महीनों के दौरान कुल 1118 लाख टन खाद्यान्न का आवंटन किया गया जिस पर करीब 3.91 लाख करोड़ रुपए का खर्च बैठा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि को 1 जनवरी 2024 से अगले पांच वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत देश के 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति माह एक निश्चित मात्रा में खाद्यान्न का मुफ्त वितरण किया जाता है।

इस योजना के लागू होने से पूर्व लाभार्थियों को 3 रुपए प्रति किलो की दर से चावल, 2 रुपए किलो की दर से गेहूं तथा 1 रुपए किलो की दर से मोटे अनाज की आपूर्ति की जाती थी।

राशन कार्ड का डिजीटलीकरण होने से अब किसी राज्य का कार्ड धारक किसी अन्य राज्य में राशन प्राप्त करने में सक्षम हो गया है। इससे खासकर श्रमिक वर्ग को काफी राहत मिल रही है।