सौंफ कीमतों में अधिक मंदा नहीं

14-Apr-2026 06:39 PM

नई दिल्ली। वर्तमान में सौंफ के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं। क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों सहित राजस्थान की मंडियों में भी नए सौंफ की आवक बढ़नी शुरू हो गई है। हालांकि बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण चालू सीजन के दौरान देश में सौंफ की पैदावार घटने के अनुमान लगाए जा रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, राजस्थान एवं अन्य क्षेत्रों में सौंफ की बिजाई 86 हजार हेक्टेयर पर की गई है जबकि गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 92/93 हजार हेक्टेयर का रहा था। कमजोर बिजाई एवं बिजाई के पश्चात प्रतिकूल मौसम के चलते इस वर्ष देश में सौंफ की पैदावार 17/18 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। जबकि गत वर्ष 2025 में उत्पादन 18/19 लाख बोरी का माना गया था। वर्ष 2024 में देश में सौंफ का रिकॉर्ड उत्पादन 38/39 लाख बोरी का रहा था। 

आवक एवं भाव 

गुजरात की प्रमुख मंडी ऊंझा में नई सौफ की आवक बढ़कर 20/22 हजार बोरी की हो गई है और एवरेज क्वालिटी का भाव 80/110 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। जबकि राजस्थान की नागौर मंडी में नई सौंफ की आवक 500/700 बोरी की शुरू हो गई है और भाव 100/110 रुपए चल रहा है। ऊंझा क्वालिटी सौंफ का निर्यात भाव 109 रुपए एवं हलवद क्वालिटी का भाव 108 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। जोकि गत सप्ताह के अंत में क्रमश: 111/110 रुपए चल रहा था। सूत्रों का कहना है कि हाल-फिलहाल कीमतों में तेजी के आसार नहीं है क्योंकि आगामी दिनों में मंडियों में आवक का दबाव बना रहेगा। लेकिन दूसरे वर्ष भी पैदावार में कमी आने के कारण कीमतों में अधिक मंदा भी संभव नहीं है। वर्तमान भावों में 4/5 रुपए का मंदा तेजी चलता रहेगा। मगर आवक घटने के पश्चात कीमतों में सुधार होगा। 

निर्यात 

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में सौंफ के निर्यात में मात्रात्मक 61 प्रतिशत एवं आय में 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जनवरी- 2026 में सौंफ का निर्यात 28422 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 355 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी - 2025 में सौंफ का निर्यात 72089 टन का किया गया था निर्यात से प्राप्त आय 703.33 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 में सौंफ का कुल निर्यात 76586 टन का रिकॉर्ड निर्यात किया गया था।