सूखे का प्रकोप रहने के बावजूद थाईलैंड में चीनी का संतोषजनक उत्पादन
05-Sep-2024 02:07 PM
बैंकॉक । हालांकि पिछले साल भारत की भांति थाईलैंड में भी अल नीनो मौसम चक्र के कारण भयंकर सूखे का प्रकोप रहा लेकिन इसके बावजूद चीनी का घरेलू उत्पादन संतोषजनक स्तर पर पहुंच गया।
गन्ना एवं चीनी बोर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2023-24 के मार्केटिंग सीजन के दौरान थाईलैंड में 821 लाख टन गन्ना एवं 88 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। बोर्ड के मुताबिक औद्योगिक एवं घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए यह उत्पादन पर्याप्त है।
वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सूखे की वजह से पिछले साल थाईलैंड सहित कुछ अन्य देशों में गन्ना का उत्पादन प्रभावित हुआ।
थाईलैंड में हालत ऐसी थी कि एक समय वहां चीनी का उत्पादन घटकर 75 लाख टन तक सीमित रह जाने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन बाद में हालत कुछ सुधर गई।
इसके फलस्वरूप थाईलैंड को इस बार चीनी के अभाव का संकट नहीं झेलना पहुंचा। बोर्ड के महामंत्री के मुताबिक 2023-24 सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन घरेलू एवं निर्यात मांग को पूरा करने में सक्षम हो जाएगा जबकि 2024-25 के सीजन में गन्ना की पैदावार में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि ब्राजील के बाद थाईलैंड दुनिया में चीनी का दूसरा सबसे प्रमुख निर्यातक देश माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि देश से चीनी का निर्यात भी नियमित रूप से जारी है
और घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सामान्य तथा सुगम रहने के कारण सरकार को इसके शिपमेंट पर मात्रात्मक नियंत्रण अथवा प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है।
उद्योग समीक्षकों के मुताबिक 2024-25 के सीजन में थाईलैंड में गन्ना की पैदावार बढ़कर 9-10 करोड़ टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है जिससे चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी।
चीनी का उत्पादन सुधरकर 90-100 लाख टन तक पहुंच सकता है। थाईलैंड में आमतौर पर गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर 10 प्रतिशत के आसपास रहती है।
थाईलैंड में कुछ 57 चीनी चीनी मिलें क्रियाशील रहती है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा वहां चीनी के घरेलू बाजार भाव को नियंत्रित किया जाता है। इसका दाम फिलहाल 27-28 'बहत' प्रति किलो चल रहा है।
