सीमित घट-बढ़ के साथ गेहूं का भाव ऊंचे स्तर पर कायम रहने की संभावना

16-Jan-2025 05:13 PM

नई दिल्ली । खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत एक लाख टन गेहूं की साप्ताहिक बिक्री का ऑफर दिया जा रहा है जो मिलर्स-प्रोसेसर्स की मांग एवं जरूरत से काफी कम है।

इसी तरह प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में गेहूं की सीमित आवक हो रही है जबकि मांग ज्यादा है। इसके फलस्वरूप इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का भाव ऊंचा एवं तेज चल रहा है।

ऐसा प्रतीत होता है कि अगले कुछ सप्ताहों तक गेहूं का दाम सीमित घट-बढ़ के साथ ऊंचे स्तर पर बरकरार रहेगा। कुछ राज्यों में नए गेहूं की आवक मार्च में शुरू होने की संभावना है लेकिन बाजार भाव पर उसका कितना और कैसा असर पड़ेगा- यह देखना आवश्यक होगा। 

गेहूं की बिजाई समाप्त हो चुकी है और पिछले साल के मुकाबले इस बार क्षेत्रफल करीब 4-5 लाख हेक्टेयर बढ़कर 320 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। पश्चिमोत्तर राज्यों में अच्छी बारिश के साथ मौसम की हालत गेहूं की फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है।

यदि फरवरी-मार्च में भी यह स्थिति बरकरार रही तो रबी सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न के उत्पादन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा सकती है।

हालांकि पंजाब-हरियाणा में आदर्श समयावधि के बाद भी गेहूं की बिजाई होती रही जिससे उसकी उपज दर प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी लेकिन यदि मौसम अनुकूल बना रह तो उत्पादकता में कुछ सुधार आ सकता है। 

दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव पुनः तेज होने लगा है। इसी तरह इंदौर, कोटा एवं शाहजहांपुर में भी इसका दाम सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊपर चल रहा है और निकट भविष्य में इसमें ज्यादा नरमी आना मुश्किल लगता है।

केन्द्र सरकार के पास गेहूं का सीमित स्टॉक बचा हुआ है इसलिए वह ज्यादा स्वतंत्र होकर इसकी बिक्री नहीं कर पाएगी।