सीमित उत्पादन के बावजूद नेपाल से खाद्य तेलों के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोत्तरी

26-May-2025 01:43 PM

काठमांडू। हालांकि नेपाल में तिलहन-तेल का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं होता है लेकिन इसके बावजूद वहां से विशाल मात्रा में इसका निर्यात किया जाता है। नेपाल में खाद्य तेलों का अधिकांश निर्यात भारत को होता है क्योंकि साफ्टा संधि के कारण इस पर कोई सीमा शुल्क नहीं लगता है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि इस संधि में स्पष्ट प्रावधान है कि नेपाल भारत में सिर्फ उन्हीं वस्तुओं या उत्पादों का शुल्क मुक्त निर्यात कर सकता है जिसका उत्पादन उसके घरेलू प्रभाग में हुआ हो लेकिन व्यवहार में ऐसा नहीं हो रहा है और नेपाल के निर्यातक इन प्रावधानों का सरासर उल्लंघन कर रहे हैं। स्वदेशी उद्योग का कहना है कि इस आयात पर अंकुश लगना चाहिए।

नेपाल से भारत को सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल एवं पाम तेल का निर्यात बड़े पैमाने पर किया जा रहा है जबकि वहां इसक उत्पादन नगण्य होता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के शुरूआती 10 महीनों में यानी मई 2025 के मध्य तक नेपाल से भारत को 90 अरब रुपए (नेपाली मुद्रा)  मूल्य के खाद्य तेलों का निर्यात किया गया।

हैरत की बात यह है कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान नेपाल से सोयाबीन तेल के निर्यात में 90 गुणा की जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो गई। इसकी मात्रा उछलकर 3.74 लाख टन पर तथा आमदनी बढ़कर 78.75 अरब रुपए पर पहुंच गई।

इसी तरह के दौरान नेपाल में विदेशों से 81.89 अरब रुपए मूल्य के करीब 5.40 लाख टन सोयाबीन तेल का आयात किया गया। इसका मतलब यह हुआ कि आयातित तेल के बड़े भाग का भारत में निर्यात हो गया।

नेपाल में सोयाबीन तेल का अधिकांश आयात अर्जेन्टीना, ब्राजील, चीन, इराक तथा थाईलैंड से होता है जबकि यूक्रेन, बेनिन, पराग्वे एवं टोगो जैसे देशों से भी इसका थोड़ा-बहुत आयात किया जाता है। बाद में रिफाइंड सोया तेल को भारतीय बाजार में भेज दिया जाता है। 

इसी तरह वित्त वर्ष के आरंभिक 10 महीनों के दौरान सूरजमुखी तेल का निर्यात भी 62 प्रतिशत उछलकर 45776 लाख टन पर पहुंच गया जिससे 10 अरब रुपए की आमदनी हुई।

इस अवधि के दौरान नेपाल में विदेशों और खासकर अर्जेन्टीना, यूक्रेन एवं रोमानिया से 24.64 अरब रुपए मूल्य के 1,66,527 टन सूरजमुखी तेल का आयात किया गया। इसी अवधि में नेपाल से 6685 टन पाम तेल का भी निर्यात हुआ

जिसका मूल्य 1.16 अरब रुपए रहा जबकि वहां 4.60 अरब डॉलर मूल्य के 32,318 टन पाम तेल का आयात किया गया। पाम तेल का आयात इंडोनेशिया, थाईलैंड एवं मलेशिया से किया गया।