Home News

साप्ताहिक समीक्षा- चना

17-Oct-2026 08:27 PM

साप्ताहिक समीक्षा- चना
कमजोर लिवाली और स्टॉकिस्टों की बिकवाली से चना में गिरावट, सीमित स्टॉक से बड़ी मंदी की संभावना सीमित

नई दिल्ली। बढ़े हुए भावों पर स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली के चलते बिकवाली बढ़ने और दाल मिलर्स की लिवाली कमजोर पड़ने से चालू सप्ताह के दौरान घरेलू बाजार में चना की कीमतों में गिरावट का रुख रहा। फिलहाल चना दाल और बेसन में मांग सीमित रहने से दाल मिलों की खरीदारी सुस्त बनी हुई है। हालांकि, आगामी खपत के सीजन को देखते हुए चना दाल और बेसन की मांग में सुधार की उम्मीद की जा रही है। घरेलू बाजार में दाल मिलों के पास चना का बकाया स्टॉक सीमित बताया जा रहा है। वहीं, उत्पादक मंडियों में देसी चना की आवक भी जरूरत के अनुरूप नहीं हो रही है। इससे बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में मौजूदा गिरावट के बावजूद कीमतों में बड़ी मंदी की संभावना सीमित रह सकती है, बशर्ते मांग में सुधार हो और बिकवाली का दबाव अधिक न बढ़े। आयातित चना की उपलब्धता भी घरेलू बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। तंजानिया से आयात कम होने तथा ऑस्ट्रेलिया से चना मंगाना महंगा पड़ने के कारण आयातित माल की आपूर्ति और लागत पर बाजार की नजर बनी हुई है। यदि आयातित चना की उपलब्धता सीमित रहती है और आयात लागत ऊंची बनी रहती है, तो घरेलू कीमतों को समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, आगामी रबी सीजन में चना की बुवाई को लेकर भी चिंता बनी हुई है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में खेतों की नमी कम होने से बुवाई की प्रगति प्रभावित होने की आशंका है। कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में सूखे की स्थिति घोषित किए जाने के कारण आगामी फसल की संभावनाओं पर भी नजर रखी जा रही है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन का आकलन बुवाई क्षेत्र, मौसम की स्थिति और फसल विकास की आगे की परिस्थितियों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। निकट अवधि में चना बाजार की चाल मुख्य रूप से दाल मिलों की मांग, स्टॉकिस्टों की बिकवाली, उत्पादक मंडियों की आवक और आयातित चना की लागत पर निर्भर करेगी। मांग कमजोर रहने पर कीमतों में दबाव बना रह सकता है, जबकि सीमित उपलब्धता, महंगे आयात और आगामी खपत सीजन में मांग बढ़ने से बाजार को सहारा मिलने की संभावना है। दाल मिलर्स की मांग कमजोर बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली चना की कीमतों में 150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव मध्य प्रदेश लाइन 7400/7425 रुपए व राजस्थान लाइन 7475/7500 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। 
पोर्ट 
आयातकों की बिकवाली बढ़ने व लिवाली कमजोर पड़ने से चालू सप्ताह के दौरान आयातित चना के बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की गयी। लिवाली बनी रहने से आयातित चना के भाव 150 रुपये प्रति क्विंटल घटकर सप्ताहांत में मुंबई बंदरगाह पर तंजानिया चना 7350/7400 रुपये प्रति क्विंटल, नवाशेवा बंदरगाह पर ऑस्ट्रेलिया चना 7500/7550 रुपये तथा मुंद्रा बंदरगाह पर आयातित चना 7375/7400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
राजस्थान   
बिकवाली का दबाव बढ़ने  व मांग कमजोर पड़ने से इस साप्ताह राजस्थान चना की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में जोधपुर 6000/6950 रुपए जयपुर 7525 रुपए बीकानेर 6900/7100 रुपए किशनगढ़ 6700/6950 रुपए व कोटा 6500/6900 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।  
महाराष्ट्र 
ग्राहकी कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान महाराष्ट्र चना की कीमतों में 125/250 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर 6600/8100 रुपए लातूर 7500 रुपए अकोला 7800 रुपए नागपुर 7750 रुपए व अहमदनगर 7200/7400 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।  
मध्य प्रदेश
मांग  कमजोर बनी रहने से इस साप्ताह मध्य प्रदेश चना की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में अशोकनगर 6800/7250 रुपए गंजबासोदा 6600/7200 रुपए सागर 6800/7200 रुपए कटनी 7425/7500 रुपए व इंदौर 7400/7500 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
अन्य 
चौतरफा गिरावट के असर व लिवाली कमजोर पड़ने से कानपुर चना की कीमतों में इस साप्ताह 225 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी देखी गयी और इस मंदी   के साथ भाव सप्ताहंत में 7600 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार रायपुर चना कीमतों में इस साप्ताह 400 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहंत में भाव 7200/7500 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। 
चना दाल    
मांग बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान चना दाल की कीमतों में 150/250 रुपए क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली 8750/9150 रुपए भाटापरा 9100/9400 रुपए कटनी 9300 रुपए,गुलबर्गा 9200/9300 रुपए जलगांव 9350/10100 रुपए जयपुर 8625 रुपए व कानपुर 8450/8500 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।