साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

21-Dec-2024 06:53 PM

सीमित कारोबार के साथ चीनी के दाम में विशेष उतार-चढ़ाव नहीं    

नई दिल्ली । प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन की गति धीरे-धीरे तेज होती जा रही है और अगले कुछ महीनों तक इसकी अच्छी रफ्तार बनी रहेगी। शादी-विवाह का सीजन कुछ दिनों के लिए स्थगित होने से चीनी की मांग सुस्त पड़ गई है। कोल्ड ड्रिंक्स एवं आइसक्रीम आदि के निर्माण में भी चीनी का कम उपयोग हो रहा है। दिसम्बर माह के लिए 22 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा नियत हुआ है जो घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। 
मिल डिलीवरी भाव 
14 से 20 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य तथा हाजिर बाजार भाव में काफी हद तक स्थिरता या नरमी देखी  गई। इसका मिल डिलीवरी मूल्य पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो 27 रुपए सुधर गया पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 रुपए तथा पंजाब में 40 रुपए घट गया। मध्य प्रदेश एवं बिहार में भाव पिछले स्तर पर ही स्थिर रहा। गुजरात में इसमें काफी गिरावट दर्ज की गई। 
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर भाव दिल्ली में 3960/4150 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर इंदौर में 15-25 रुपए घटकर 3775/3885 रुपए प्रति क्विंटल एवं रायपुर में 5 रुपए फिसलकर 3720/3800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी का भाव 3530/3730 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3480/3680 रुपए प्रति क्विंटल पर बरकरार रहा। 
टेंडर 
लेकिन महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में 30 से 125 रुपए तक की अच्छी बढ़ोत्तरी देखी गई जिससे यह सुधरकर 3325/3655 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। कर्नाटक में भी यह कुछ बढ़ गया। उधर कोलकाता में चीनी के दाम में 20 से 50 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। 
स्टॉक / निर्यात 
सरकार ने कहा है कि उचित समय आने पर चीनी के निर्यात की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 320 लाख टन चीनी का कुल घरेलू उत्पादन होने का अनुमान है जबकि 79 लाख टन के पिछले बकाया स्टॉक के साथ इसकी सकल उपलब्धता 400 लाख टन के करीब पहुंचेगी। इसमें से 290 लाख टन की सीधी खपत होगी और 40 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में किया जाएगा। इसके फलस्वरूप मार्केटिंग सीजन के अंत में उद्योग के पास सामान्य औसत स्तर से 10-12 लाख टन अधिक चीनी का स्टॉक मौजूद रह सकता है।