साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

08-Feb-2025 07:22 PM

लिवाली की बेहतर स्थिति से चीनी के दाम में सुधार 

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा 10 लाख के निर्यात की अनुमति दिए जाने के बाद से चीनी का थोक बाजार भाव मजबूत बना हुआ है कर इसमें नियमित रूप से थोड़ी-बहुत तेजी का माहौल देखा जा रहा है। निर्यातक मिलर्स से चीनी की खरीद का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। मगर मिलर्स नीचे दाम पर इसे उपलब्ध करवाने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि उसे घरेलू बिक्री के तहत अच्छा मूल्य प्राप्त हो रहा है। उद्योग-व्यापार संगठनों के अनुसार पिछले सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में 45-50 लाख टन की जोरदार गिरावट आने की संभावना है। मिलर्स को इस बार ओवर स्टॉक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा इसलिए अपनी चीनी को अच्छे दाम पर बेचने का उसके पास अवसर और विकल्प- दोनों है। 
मिल डिलीवरी भाव 
1-7 फरवरी वाली सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं बिहार में 10-15 रुपए प्रति क्विंटल तथा गुजरात में 20-30 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया। चीनी की लिवाली सामान्य ढंग से होती रही।
हाजिर भाव 
मिल डिलीवरी भाव सुधरने से चीनी के हाजिर बाजार मूल्य में भी इजाफा हुआ। इसका दाम दिल्ली में 100 रुपए उछलकर 4380/4500 रुपए प्रति क्विंटल, इंदौर में 40 रुपए सुधरकर 4140/4240 रुपए प्रति क्विंटल तथा रायपुर में 125 रुपए बढ़कर 4150/4225 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इसी तरह कोलकाता में चीनी की कीमत 125 से 180 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गई। 
मुम्बई 
मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी का दाम 80 रुपए बढ़कर 3900/4100 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी इतना ही बढ़कर 3850/4050 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा चीनी के टेंडर मूल्य में भी महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में बढ़त देखी गई।  
निर्यात 
चीनी के निर्यात की गति धीमी देखी जा रही है। चूंकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड जैसे चीनी उत्पादक राज्य बंदरगाहों से काफी दूर है इसलिए महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे प्रांतों के मिलर्स एवं निर्यातकों के साथ अपने कोटे का अनुबंध करने का प्रयास कर रहे हैं।