साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
19-Apr-2025 07:49 PM
सामान्य कारोबार के बीच चीनी के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। हालांकि देश के अनेक राज्यों में भीषण गर्मी का दौर शुरू होने से चीनी औद्योगिक मांग एवं घरेलू खपत में बढ़ोत्तरी के संकेत मिल रहे हैं मगर आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति को देखते हुए खरीदार इसकी लिवाली में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। इसके फलस्वरूप 12-18 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य तथा हाजिर बाजार भाव में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ मिश्रित रुख देखा गया। महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी का टेंडर मूल्य कुछ ऊपर नीचे हुआ।
मिल डिलीवरी भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी मूल्य पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं पंजाब में 10-10 रुपए तथा बिहार में 20 रुपए सुधर गया जबकि मध्य प्रदेश में 10 रुपए नरम रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह 4160 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा। गुजरात में 20-30 रुपए प्रति क्विंटल का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। वहां खरीदारों की मांग एम तथा एस ग्रेड में कम रही।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 4300/4380 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर ही स्थिर रहा लेकिन इंदौर में 35 रुपए बढ़कर 4160/4260 रुपए प्रति क्विंटल, रायपुर में 25 रुपए सुधरकर 4175/4250 रुपए प्रति क्विंटल, कोलकाता में भी 25 रुपए सुधरकर 4300/4360 रुपए प्रति क्विंटल तथा मुम्बई (वाशी) मार्केट में 20 रुपए सुधरकर 3970/4170 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। नाकापोर्ट डिलीवरी मूल्य में भी 20 रुपए की वृद्धि हुई।
टेंडर
चीनी के टेंडर मूल्य में महाराष्ट्र में मिश्रित रुख रहा जबकि कर्नाटक में यह मांग के आधार पर 80 रुपए प्रति क्विंटल तक ऊंचा रहा। चीनी के निर्यात शिपमेंट की गति जोर पकड़ने की संभावना है।
उत्पादन
अब तक के आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि 2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 के सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन 50-60 लाख टन घट सकता है। हालांकि विशाल पिछला बकाया स्टॉक के कारण इस बार चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सामान्य बनी रहेगी मगर चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में इसका अधिशेष स्टॉक काफी घट जाएगा 110 लाख टन का निर्यात होने से भी चीनी के स्टॉक पर असर पड़ेगा। इसे देखते हुए आगामी समय में भी चीनी का भाव आमतौर पर सीमित उतार-चढ़ाव के साथ ऊंचे स्तर पर मजबूत रहने की उम्मीद है।
