साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

18-Jan-2025 08:11 PM

ऊंचे मूल्य स्तर पर मांग कमजोर पड़ने से गेहूं का भाव नरम 

नई दिल्ली । खुले बाजार बिक्री योजना के तहत गेहूं का साप्ताहिक कोटा एक लाख टन से बढ़ाकर डेढ़ लाख टन नियत किए जाने तथा थोक मंडियों में भाव अत्यन्त ऊंचा होने से मांग कमजोर पड़ने के कारण 11-16 जनवरी वाले सप्ताह के दौरन गेहूं के दाम में कुछ गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद गेहूं का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचे स्तर पर बरकरार रहा। गेहूं की आवक प्रमुख मंडियों में सीमित मात्रा में हो रही है। 

दिल्ली 

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव 75 रुपए गिरकर 3200/3225 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। इसके पीछे मुनाफावसूली को कारण माना जा रहा है। 

मध्य प्रदेश 

मध्य प्रदेश की विभिन्न मंडियों में भी गेहूं के दाम में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। वहां इसका भाव इंदौर में 80 रुपए तथा खंडवा में 100 रुपए टूट गया। 

राजस्थान 

राजस्थान के कोटा एवं बूंदी में भी गेहूं का दाम 50-50 रुपए नरम रहा। इसी तरह उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गेहूं की कीमतों में 40-50 रुपए की नरमी रही। मैनपुरी में भाव करीब 90 रुपए प्रति क्विंटल कमजोर रहा। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बिजाई समाप्त हो चुकी है और इसका क्षेत्रफल सुधरकर 320 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है। नई फसल की जोरदार आवक मध्य प्रदेश से शुरू होगी मगर छिटपुट आपूर्ति मार्च में ही आरंभ होने की संभावना है। 

खरीद 

केन्द्र सरकार ने फिलहाल 300 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है लेकिन वह इससे अधिक मात्रा में खरीद का प्रयास कर सकती है। केन्द्रीय पूल में गेहूं का सीमित स्टॉक बचा हुआ है इसलिए खाद्य मंत्रालय खासकर उन राज्यों में खरीद बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहा है जहां पिछले तीन वर्षों से उम्मीद के अनुरूप इसकी खरीद नहीं हो रही है। फिलहाल यह कहना कठिन है कि गेहूं के दाम में गिरावट का दौर शुरू हो गया है क्योंकि अनियंत्रित बाजार में कभी भी तेजी का माहौल बन सकता है।