साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

19-Apr-2025 08:03 PM

भारी गिरावट के बाद गेहूं के बाजार में आया ठहराव  

नई दिल्ली। शानदार उत्पादन की उम्मीद तथा मंडियों में नए माल की जोरदार आवक के कारण पिछले कुछ सप्ताहों से गेहूं के बाजार में भारी मंदी का माहौल बना हुआ था लेकिन सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ व्यापारिक फर्मों एवं फ्लोर मिलों की अच्छी लिवाली होने से 12-18 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान बाजार में काफी हद तक स्थिरता आ गई। दिल्ली में उत्तर प्रदेश / राजस्थान के गेहूं का भाव 20 रुपए सुधरकर 2645/2645 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। 
मध्य प्रदेश 
मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं के दाम में मिश्रित रुख देखा गया। वहां इसका भाव इंदौर में बढ़कर  2400/3020 रुपए प्रति क्विंटल, डबरा में सुधरकर 2440/2510 रुपए तथा खंडवा में बढ़कर 2550/2650 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर उज्जैन में कुछ गिरकर 2450/3000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। मालूम हो कि मध्य प्रदेश में किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद हो रही है जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित 2425 रुपए प्रति क्वीनलत का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित 175 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस शामिल है। इसके फलस्वरूप वहां गेहूं की सरकारी खरीद में अच्छी वृद्धि देखी जा रही है।
राजस्थान 
राजस्थान की तीन महत्वपूर्ण मंडियों- कोटा, बारां एवं बूंदी में गेहूं का भाव पूर्व स्तर पर ही अटका रहा और इसमें कोई बदलाव नहीं आया। मध्य प्रदेश की भांति राज्थान की मंडियों में भी गेहूं की विशाल  आवक हो रही है और सरकारी एजेंसियों द्वारा 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इसकी भारी खरीद की जा रही है। राजस्थान में गेहूं पर एमएसपी से ऊपर 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया गया है। 
उत्तर प्रदेश
सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में भारी गिरावट के बाद गेहूं के दाम में अब सुधार आने लगा है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अधिकांश प्रमुख मंडियों में 25-50 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि देखी गई। वहां बोनस की व्यवस्था नहीं है। 
सरकारी खरीद 
राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की सरकारी खरीद 85 लाख टन की सीमा को पार कर चुकी है। इसमें मध्य प्रदेश एवं हरियाणा का योगदान ज्यादा रहा। मध्य प्रदेश से पंजाब में भी गेहूं की आवक एवं सरकारी खरीद जोर पकड़ने लगी है। राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में खरीद की स्थिति गत वर्ष से बेहतर है। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस बार राष्ट्रीय स्तर पर कुल 312.70 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है और यह लक्ष्य हासिल हो जाने की उम्मीद है।