साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
30-Aug-2025 08:10 PM
स्टॉक सीमा में कटौती के असर से गेहूं का भाव नरम
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा मंगलवार यानी 26 अगस्त को थोक विक्रेताओं / स्टॉकिस्टों, खुदरा व्यापारियों, बिग चेन रिटेलर्स तथा प्रोसेसर्स के लिए गेहूं की भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) के तहत मात्रा के स्तर में कटौती कर दिए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न के थोक मंडी मूल्य में थोड़ी नरमी आ गई। मंडियों में गेहूं की आपूर्ति सामान्य ढंग से हो रही है और कीमतों में गिरावट भी ज्यादा बड़ी नहीं है।
भाव
23-27 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 23 रुपए गिरकर 2825 रुपए प्रति क्विंटल, इंदौर में 200 रुपए लुढ़ककर 2500/3000 रुपए प्रति क्विंटल तथा इटारसी में 40 रुपए गिरकर 2580/2610 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया लेकिन उज्जैन में 50 रुपए बढ़कर 2625/3100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। राजस्थान की कोटा एवं बूंदी मंडी में गेहूं का दाम 37 रुपए एवं 20 रुपए गिरकर क्रमश: 2613 रुपए प्रति क्विंटल एवं 2550/2580 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की मंडियों में भी गेहूं के दाम में 40 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। दिलचस्प तथ्य यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं के बाजार में आई इस नरमी को स्टॉक सीमा में कटौती का प्रभाव नहीं बल्कि बाजार की सामान्य हलचल माना जा रहा है। अक्सर गेहूं के दाम में 25-50 रुपए प्रति क्विंटल का उतार-चढ़ाव आता रहता है।
आपूर्ति
दिल्ली में रोजाना करीब 6000-6500 बोरी गेहूं की आपूर्ति हुई जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में अनियमित आवक हो रही है। लेकिन उत्तर प्रदेश की मंडियों में आपूर्ति की स्थिति बेहतर है। वहां किसानों ने आगे ऊंचा दाम मिलने की उम्मीद से गेहूं का स्टॉक दबा रखा था मगर अब सरकारी नियम को देखते हुए कीमतों में भारी तेजी आने की संभावना क्षीण पड़ने लगी है। केन्द्रीय पूल से ओएमएसएस के माध्यम से गेहूं की नीलामी बिक्री कभी भी शुरू हो सकती है।
