साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी
24-May-2025 08:39 PM
हल्दी कीमतों में गिरावट : अधिक मंदा नहीं है
नई दिल्ली। वर्तमान में हल्दी की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। हालांकि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर दैनिक आवक घट रही है लेकिन वर्तमान में निर्यात व्यापार कम होने के कारण कीमतें नरमी के साथ बोली जा रही है। उल्लेखनीय है कि अनुमान वैक्स किया जा रहा था कि मई माह के दौरान निर्यात व्यापार अच्छा रहेगा। लेकिन सीमाओं पर बढ़ते तनाव के कारण निर्यात मांग पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। चालू सप्ताह के दौरान हाजिर एवं वायदा में हल्दी के भाव मंदे रहे हैं। मगर सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में हल्दी के दामों में अवश्य ही तेजी आएगी। क्योंकि मराठवाड़ा लाइन पर भी हल्दी की दैनिक आवक घटने लगी है। वायदा बाजार में हल्दी मई का भाव 14900 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 14050 रुपए पर बंद हुआ है। जबकि जून का वायदा सप्ताह के अंत में 14200 रुपए पर बंद हुआ है जबकि सप्ताह के शुरू में भाव 14600 रुपए खुला था।
घटने लगी आवक
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर हल्दी की आवक घटने लगी है। क्योंकि कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इरोड मंडी में आवक घटकर 3/4 हजार बोरी की रह गई है। जबकि निजामाबाद में 2000/2500 बोरी की आवक हो रही है। सांगली में भी आवक 2500/3000 बोरी की रह गई है। मराठवाड़ा की हिंगोली मंडी में आवक 5000/5500 बोरी की रह गई है। जबकि बसमत एवं नांदेड में आवक 3/4 हजार बोरी की हो रही है। वारंगल एवं दुगीराला, कडप्पा लाइन की आवक सीमित चल रही है।
तेजी की संभावना
जानकार सूत्रों का कहना है कि हल्दी की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि चालू सीजन के दौरान हल्दी की उपलब्धता खपत की तुलना कम रहने के समाचार है। उल्लेखनीय है कि घरेलू खपत एवं निर्यात को मिलाकर हल्दी की कुल आवश्यकता एक करोड़ बोरी से अधिक की होती है। जबकि नई फसल 70/72 लाख बोरी एवं बकाया स्टॉक 10/12 लाख बोरी को मिलाकर कुल उपलब्धता 80/82 लाख बोरी की रहेगी। सूत्रों का मानना है कि जून-जुलाई माह के दौरान हल्दी के दामों में 10/15 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना है। क्योंकि मंडियों में आवक घटने के साथ-साथ आगामी दिनों में निर्यतकों के अलावा लोकल मांग में भी सुधार होगा। व्यापारिक मनोवृत्ति बाजार में तेजी की होने के कारण स्टॉकिस्ट भी घटे भावों पर माल की बिकवाली नहीं करेगा। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पोलिश गट्ठा का भाव 145/148 रुपए चल रहा है। जोकि आगामी दिनों में बढ़कर 156/160 रुपए हो जाने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
बिजाई बढ़ने की संभावना
जानकार सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान भी दूसरे वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर हल्दी की बिजाई अधिक रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि निजामाबाद लाइन पर हल्दी की बिजाई का कार्य जून माह में शुरू हो जाएगा। जबकि अन्य राज्यों में बिजाई जुलाई माह में जोरो पर होगी।
निर्यात अधिक
वर्ष 2024-25 के प्रथम ग्यारह माह के दौरान हल्दी के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। एक ओर जहां मात्रा में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है वहीं दूसरी तरफ निर्यात भाव अधिक मिलने के कारण आय में 60 प्रतिशत की शानदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-फरवरी के दौरान 161229.56 टन हल्दी का निर्यात किया गया। और निर्यात से प्राप्त आय 262582 लाख रुपए की रही। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि के दौरान हल्दी का निर्यात 144585.64 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 163651 लाख रुपए की रही। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 162019 टन का हुआ था। जबकि हल्दी का सर्वाधिक निर्यात वर्ष 2020-21 के दौरान 183868 टन का रहा था।
