साप्ताहिक समीक्षा- हल्दी
20-Sep-2025 08:26 PM
हल्दी में व्यापार कम : भाव नरम
नई दिल्ली। विगत कुछ समय से हल्दी के भाव सीमित दायरे में ही बने हुए हैं और भाव 2/3 रुपए ऊपर नीचे चल रहे हैं। हालांकि यह सच है कि चालू सीजन के दैनिक उत्पादक राज्यों में हल्दी की बिजाई का क्षेत्रफल बढ़ा है। लेकिन गत दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में नुकसान की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि नुकसान का सही अंदाजा मौसम खुलने के पश्चात ही मालूम होगा। सूत्रों का कहना है कि निजामाबाद लाइन के अलावा मराठवाड़ा के नांदेड क्षेत्र में फसल को अवश्य ही नुकसान होगा। जबकि बसमत एवं हिंगौली में अभी तक फसल को नुकसान के समाचार नहीं है। इसके अलावा सांगली लाइन पर भी स्थिति ठीक है। जबकि इरोड एवं आंध्र प्रदेश में मौसम फसल के अनुकूल बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष देश में हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 25/30 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई है। हल्दी की पैदावार महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु में होती है। महाराष्ट्र राज्य का कुल उत्पादन में लगभग 40/45 प्रतिशत का योगदान रहता है। नई हल्दी की आवक जनवरी-फरवरी माह में शुरू होती है।
आवक कम
मराठवाड़ा लाइन (हिंगौली, बसमत, नांदेड) को छोड़कर अन्य राज्यों की मंडियों में हल्दी की आवक काफी कम रह गई है। इरोड मंडी में आवक 1200/1500 बोरी की हो रही है। जबकि निजामाबाद में आवक 400/500 बोरी दैनिक की चल रही है। आंध्र प्रदेश की दुग्गीराला मंडी में आवक 400/500 बोरी की चल रही है। मराठवाड़ा की हिंगौली एवं बसमत में आवक 4/5 हजार बोरी की हो रही है।
मन्दा-तेजी
व्यापारियों का मानना है कि हल्दी की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि विगत कुछ समय से बाजार में उठाव कम होने के बावजूद भाव 1/2 प्रति किलो मन्दा तेजी के बीच ही बोले जा रहे हैं वर्तमान में हल्दी के भाव गत वर्ष की तुलना में कम चल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष सितम्बर माह में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव 144/146 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था जबकि वर्तमान में भाव 126/128 रुपए चल रहा है। व्यापारियों का मानना है कि आगामी दिनों हल्दी के भाव तेज रहने की संभावना है। क्योंकि एक ओर जहां मंडियों में आवक कम रह गई है वहीं दूसरी तरफ अक्टूबर माह में निर्यात एवं लोकल मांग बढ़ने की संभावना है चालू सप्ताह के दौरान उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित दिल्ली बाजार में हल्दी के भाव पूर्व स्तर पर बोले गए। वायदा में भी हल्दी के भाव सीमित रहे। वायदा में अक्टूबर माह की हल्दी 12498 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 12338 रुपए पर बंद हुई। जबकि दिसम्बर की हल्दी 12638 रुपए खुली थी और सप्ताह के अंत में 12620 रुपए पर बंद हुई है। सूत्रों का मानना है कि जल्दी ही जल्दी की कीमतों में तेजी बननी चाहिए। क्योंकि नई फसल आने में अभी लगभग 4/5 माह का समय शेष है।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का निर्यात आशानुरूप नहीं बढ़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन की प्रथम तिमाही में हल्दी का निर्यात मात्रत्मक रूप में 3 प्रतिशत अधिक हुआ है। जबकि अन्य 4 प्रतिशत बढ़ी है मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून - 2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 47949.55 टन का किया गया जबकि निर्यात से प्राप्त आय 727.03 करोड़ की रही। गत वर्ष अप्रैल-जून- 2024 के दौरान हल्दी का निर्यात 46498.63 टन का किया गया था। और आय 755.56 करोड़ की हुई है। वर्ष 2024-25 के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325.74 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 2885.39 करोड़ की रही। वर्ष 2023-24 में हल्दी का निर्यात 162018.46 टन का हुआ और 1875.86 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई।
